ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल की मान्यता खत्म करने की अनुशंसा, जांच कमेटी की रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपी

बिलासपुर। बिलासपुर में छात्रों और अभिभावकों को गुमराह करने के आरोप में ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल की मान्यता समाप्त करने की अनुशंसा की गई है। केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू के निर्देश पर गठित जांच कमेटी ने जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को सौंप दी है।

मामला शहर के मिशन अस्पताल रोड और व्यापार विहार स्थित ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल की शाखाओं से जुड़ा है। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने खुद को सीबीएसई से संबद्ध बताकर अभिभावकों से फीस ली और उसी आधार पर पढ़ाई कराई, जबकि वास्तविक मान्यता छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से थी।

अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को पूरे सत्र में सीबीएसई पाठ्यक्रम पढ़ाया गया, लेकिन अचानक राज्य सरकार द्वारा 5वीं और 8वीं की बोर्ड परीक्षा के आदेश के बाद स्कूल प्रबंधन ने एक दिन पहले ही परीक्षा की सूचना दी। इससे बच्चों को तैयारी का मौका नहीं मिला और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ गई।

मामले को लेकर अभिभावकों ने प्रदर्शन किया और केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू से शिकायत की। उनके निर्देश पर गठित जांच समिति ने अभिभावकों के बयान दर्ज किए और दस्तावेजों की जांच की। रिपोर्ट में पाया गया कि स्कूल प्रबंधन ने सीबीएसई के नाम पर अभिभावकों को दिग्भ्रमित किया।

जांच में यह भी सामने आया कि स्कूलों की फीस संरचना नर्सरी से 8वीं तक 30 हजार से 50 हजार रुपए तक है, जो सीबीएसई पैटर्न के नाम पर ली जा रही थी। जबकि स्कूल को केवल राज्य बोर्ड से मान्यता प्राप्त है।

स्कूल प्रबंधन ने अपने जवाब में सीबीएसई से संबद्ध होने से इनकार किया, लेकिन जांच कमेटी ने इसे भ्रामक बताया है। रिपोर्ट में दोनों स्कूलों की मान्यता समाप्त कर नियमानुसार कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।

इस मामले में हाईकोर्ट में भी सुनवाई चल रही है, जहां स्कूलों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। फिलहाल जिला शिक्षा विभाग आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुटा है।

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