शादी का झांसा देकर दुष्कर्म: कृषि अधिकारी को उम्रकैद, जाति के आधार पर किया था इंकार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने और बाद में जाति के आधार पर विवाह से इंकार करने वाले कृषि विस्तार अधिकारी को अदालत ने कड़ी सजा सुनाई है। रायपुर की विशेष अदालत ने आरोपी देवनारायण साहू को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा दी है।

मामले के अनुसार, बालोद निवासी आरोपी की पहचान कॉलेज के दौरान पीड़िता से हुई थी। दोनों जगदलपुर के एग्रीकल्चर कॉलेज में साथ पढ़ते थे और बाद में रायपुर में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी साथ करने लगे। इसी दौरान आरोपी ने युवती को प्रेम जाल में फंसाया और नौकरी लगने के बाद शादी करने का भरोसा दिया।

पीड़िता ने कोर्ट में बताया कि शुरुआत में उसने संबंध बनाने से मना किया था, क्योंकि दोनों की जाति अलग थी। बावजूद इसके आरोपी ने शादी का भरोसा देकर फरवरी 2021 में रायपुर के धरमपुरा स्थित किराए के मकान में पहली बार उसके साथ जबरदस्ती संबंध बनाए। इसके बाद 2023-24 तक वह लगातार शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करता रहा।

साल 2024 में जब आरोपी की सरकारी नौकरी लग गई, तो उसका व्यवहार बदल गया। उसने पीड़िता को ‘नीची जाति’ की सतनामी कहकर अपमानित करना शुरू कर दिया। दिसंबर 2025 में आरोपी ने युवती को रायपुर बुलाकर साफ कह दिया कि वह उससे शादी नहीं करेगा और किसी अन्य लड़की से विवाह करेगा। इसके बाद उसने पीड़िता से संपर्क भी तोड़ दिया।

मामले में पीड़िता की मां और भाई ने भी अदालत में बयान देकर उसका समर्थन किया। मेडिकल रिपोर्ट में भी लंबे समय तक शारीरिक संबंध होने की पुष्टि हुई।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी शुरू से पीड़िता की जाति जानता था, फिर भी उसने धोखे से उसका शोषण किया। इसे गंभीर अपराध मानते हुए कोर्ट ने SC/ST एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा और जुर्माना लगाया।

पुलिस और अभियोजन पक्ष ने इस फैसले को पीड़िता के लिए न्याय बताया है। साथ ही आम लोगों से अपील की है कि ऐसे मामलों में तुरंत शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय पर कार्रवाई हो सके।

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