भुवनेश्वर। ओडिशा की 4 राज्यसभा सीटों पर 16 मार्च को होने वाले मतदान से पहले राज्य की राजनीति में ‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स’ चरम पर है। क्रॉस वोटिंग और हॉर्स ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) के डर से भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने विधायकों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया है।
BJP की पारादीप में ‘ट्रेनिंग’
शनिवार रात भाजपा ने अपने 82 विधायकों को दो लक्जरी बसों के जरिए भुवनेश्वर से पारादीप भेज दिया। ये सभी विधायक निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय के होटल में ठहरेंगे।
- वजह: कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन के मुताबिक, सदन में 84 विधायक पहली बार चुनकर आए हैं, इसलिए उन्हें वोटिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि कोई वोट अमान्य न हो।
- रणनीति: भाजपा को 4 में से 3 सीटें जीतने का भरोसा है। पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल और सुजीत कुमार को उम्मीदवार बनाया है।
कांग्रेस के विधायक बेंगलुरु के रिजॉर्ट में
इधर, कांग्रेस ने अपने 8 विधायकों को बेंगलुरु के वंडरला रिजॉर्ट भेज दिया है। हालांकि, पार्टी के भीतर फूट भी नजर आ रही है। मोहना से विधायक दशरथी गोमांगो से संपर्क नहीं हो पा रहा है, वहीं सोफिया फिरदौस ने पार्टी के फैसले पर नाराजगी जताई है।
BJD ने लगाया हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भाजपा पर विधायकों को प्रलोभन देने का आरोप लगाया है। बीजेडी ने अपने उम्मीदवारों (संतृप्त मिश्रा और अन्य) की जीत सुनिश्चित करने के लिए सभी विधायकों को ‘थ्री-लाइन व्हिप’ जारी कर भुवनेश्वर में ही रुकने का निर्देश दिया है।
चुनाव का गणित: ओडिशा की 4 सीटों के लिए 16 मार्च को सुबह 9 से शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी और उसी दिन शाम 5 बजे नतीजे घोषित किए
