राजिम। महाशिवरात्रि के पर्व पर राजिम के त्रिवेणी संगम में शाही स्नान से पहले नागा साधुओं का डिप्टी सीएम विजय शर्मा और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने स्वागत किया। इस दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिरों में उमड़ पड़ी, और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए। ये ऐतिहासिक आयोजन 12 फरवरी को माघ पूर्णिमा के दिन प्रारंभ हुआ था और आज अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच रहा है।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय होंगे। उनके साथ उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कैबिनेट मंत्री विजय शर्मा, सांसद, विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। इस भव्य आयोजन में देशभर से महामंडलेश्वर, साधु-संत और धर्मगुरु भी शामिल होकर इसकी गरिमा को और भी बढ़ाएंगे। राजिम कुंभ कल्प मेला न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि संपूर्ण देश के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का प्रतीक है। इसके समापन समारोह में प्रदेशभर से हजारों श्रद्धालु भाग ले रहे हैं, जो इस महापर्व की दिव्यता और भव्यता का साक्षात्कार कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं के लिए एक आध्यात्मिक संगम स्थल
राजिम कुंभ कल्प मेला वर्षों से श्रद्धालुओं के लिए एक आध्यात्मिक संगम स्थल रहा है, जहां स्नान, पूजन और प्रवचनों के माध्यम से भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। मेले के दौरान धार्मिक प्रवचन, भजन-कीर्तन, सत्संग और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति और आनंद की अनुभूति हुई।
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर इस भव्य मेले के समापन के साथ ही श्रद्धालु शिव आराधना, गंगा स्नान और पूजा-पाठ कर अपने जीवन को धन्य महसूस कर रहे हैं। इस पावन अवसर पर भक्तों ने भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया और रात्रि जागरण कर उनकी आराधना की। राजिम कुंभ कल्प मेला न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक भी है। यह आयोजन श्रद्धालुओं को न केवल धार्मिक अनुभूति कराता है बल्कि सामाजिक सौहार्द्र और एकता का संदेश भी देता है।