रायपुर साहित्य उत्सव 2026: नवा रायपुर में तीन दिवसीय साहित्यिक संगम, 330 गाँवों के लिए नई चेतना

रायपुर। बसंत पंचमी के अवसर पर 23 जनवरी से नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन परिसर में तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है।

इस आयोजन में देश भर से 100 से अधिक प्रतिष्ठित साहित्यकार शामिल होंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों के रजत महोत्सव के अवसर पर यह उत्सव एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जो राज्य और पूरे देश के साहित्यिक जगत को जोड़ने का कार्य करेगा।

उत्सव का उद्देश्य साहित्य, लेखन और पठन-पाठन को बढ़ावा देना है। इसमें साहित्य विमर्श, खुले संवाद, समकालीन विषयों पर विचार-मंथन होंगे। कार्यक्रम का लोगो “आदि से अनादि” छत्तीसगढ़ की साहित्यिक यात्रा को दर्शाता है, जिसमें आदिकालीन रचनाओं से आधुनिक साहित्य तक सभी रूप शामिल हैं।

तीन दिन तक पुरखौती मुक्तांगन में साहित्यिक संवाद, पुस्तक विमोचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और कला-प्रदर्शनियां आयोजित की जाएँगी, जिससे छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय साहित्यिक मानचित्र पर एक नई पहचान मिलेगी।

उत्सव में कुल 11 सत्र होंगे 5 समानांतर, 4 सामूहिक और 3 संवाद सत्र। इसमें साहित्यकारों, युवाओं, शिक्षकों और आम पाठकों की सहभागिता रहेगी। पुस्तक मेला में लगभग 40 स्टॉल होंगे, जहां देशभर के प्रतिष्ठित प्रकाशकों की पुस्तकें प्रदर्शित और बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगी।

इसके साथ ही, चाणक्य नाटक का मंचन, लोकनृत्य, लोकगीत और छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी। विख्यात कवियों की उपस्थिति में कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा और पत्रकारों, विचारकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ समकालीन सामाजिक-सांस्कृतिक विषयों पर चर्चा होगी।

रायपुर साहित्य उत्सव 2026 छत्तीसगढ़ की साहित्यिक चेतना, विचार परंपरा और सांस्कृतिक आत्मा को राष्ट्रीय संवाद से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है। यह आयोजन न केवल लेखकों और पाठकों के बीच सेतु बनेगा, बल्कि नई पीढ़ी को साहित्य, संस्कृति और विचार के प्रति संवेदनशील बनाएगा। यह उत्सव नवा रायपुर को देश के प्रमुख साहित्यिक केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में यादगार कदम साबित होगा।

Exit mobile version