महादेव सट्‌टा मामले में चार राज्यों में रेड, 60 ठिकानों पर अफसर कर रहे जांच

दिल्ली। महादेव सट्टा एप घोटाले की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने छत्तीसगढ़, दिल्ली, भोपाल और कोलकाता में 60 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की है। इस छापेमारी में कई राजनेताओं, वरिष्ठ नौकरशाहों, पुलिस अधिकारियों और अन्य प्रमुख व्यक्तियों के ठिकानों को निशाना बनाया गया।

सीबीआई ने इस घोटाले में संदिग्ध लोगों से जुड़े कई अहम दस्तावेज भी जब्त किए हैं और जांच जारी है। सीबीआई ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि यह छापेमारी महादेव बुक के अवैध संचालन से जुड़ी हुई है, जो रवि उप्पल और सौरभ चंद्रकर द्वारा चलाया जाता है, जो फिलहाल दुबई में रह रहे हैं। जांच में यह बात सामने आई कि इन प्रमोटरों ने अपने अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क को चलाने के लिए कई लोक सेवकों को भारी रकम दी थी।

छत्तीसगढ़ में दो दर्जन ठिकानों पर छापेमारी

सीबीआई की टीम ने आज तड़के रायपुर और भिलाई सहित छत्तीसगढ़ के दो दर्जन से अधिक स्थानों पर छापेमारी की। जिन प्रमुख लोगों के ठिकानों पर कार्रवाई की गई, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उनके राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा, सीएम सचिवालय में उप सचिव रही सौम्या चौरसिया, विधायक देवेंद्र यादव समेत एक दर्जन से ज्यादा पुलिस अधिकारी शामिल है।   

महादेव सट्टा एप घोटाले का पूरा मामला

महादेव सट्टा एप घोटाले की जांच पहले छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को दी गई थी, बाद में इसे सीबीआई को सौंप दिया गया। पिछले साल जनवरी में ईडी ने इस मामले की जांच शुरू की थी। मार्च 2024 में एसीबी ने चार्जशीट दायर की, जिसमें भूपेश बघेल को आरोपी बनाया गया। उनके खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, विश्वासघात और जालसाजी जैसे आरोप लगे थे। सीबीआई और ईडी की जांच में अब तक महादेव सट्टा एप से जुड़े 6000 करोड़ रुपए से अधिक के वित्तीय लेन-देन का खुलासा हुआ है, और कई बैंक खातों को फ्रीज किया गया है। जांच में कई अधिकारी और प्रभावशाली व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आ रही है।

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