रायपुर। रायपुर जिले में बाल विवाह रोकने की दिशा में प्रशासन ने बड़ी पहल शुरू की है। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जिले की ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों को “बाल विवाह मुक्त” घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत उन क्षेत्रों को चयनित किया जा रहा है, जहां पिछले दो वर्षों में बाल विवाह का एक भी मामला सामने नहीं आया है।
जिले की कुल 408 ग्राम पंचायतों में से 332 पंचायतों ने खुद को बाल विवाह मुक्त घोषित करने के लिए प्रस्ताव भेजा है। वहीं 11 नगरीय निकायों में से 8 निकायों के नाम भी इस सूची में शामिल किए गए हैं। संबंधित पंचायतों और निकायों ने प्रमाणित किया है कि उनके क्षेत्र में बीते दो सालों के दौरान बाल विवाह का कोई प्रकरण दर्ज नहीं हुआ।
प्रशासन की ओर से अब इन प्रस्तावों पर दावा और आपत्ति मंगाई गई है। प्रस्तावित सूची कलेक्टर कार्यालय रायपुर और जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास कार्यालय में अवलोकन के लिए रखी गई है। इसके अलावा आरंग, अभनपुर, धरसींवा-1, धरसींवा-2, रायपुर शहरी-1, रायपुर शहरी-2, तिल्दा और मंदिर हसौद के परियोजना कार्यालयों में भी सूची देखी जा सकती है।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और संस्थाओं से सुझाव और आपत्तियां देने की अपील की है। यदि किसी व्यक्ति को किसी पंचायत या नगरीय निकाय में बाल विवाह की जानकारी है, तो वह 18 मई से 28 मई 2026 तक लिखित दावा या आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है।
इसके लिए जरूरी दस्तावेजों के साथ जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास कार्यालय रायपुर में आवेदन जमा करना होगा। प्रशासन का मानना है कि इस पहल से बाल विवाह रोकने के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा।
