मजदूर मां की बेटी पूजा ने NEET-2026 में रचा सफलता का इतिहास

सरगुजा। आर्थिक तंगी और 66 प्रतिशत दिव्यांगता भी सरगुजा की आदिवासी बेटी पूजा सिंह के डॉक्टर बनने के सपने में बाधा नहीं बन सकी। सीतापुर विकासखंड के ग्राम राधापुर की रहने वाली पूजा ने NEET-2026 में सफलता हासिल कर मेडिकल कॉलेज जगदलपुर में प्रवेश लिया है।

उनकी मेडिकल पढ़ाई आर्थिक कारणों से न रुके, इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कलेक्टर अजीत वसंत ने जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद से शिक्षण शुल्क के लिए 2.50 लाख रुपए की सहायता स्वीकृत की है।

पूजा का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। उनके पिता चक्रधर सिंह दूसरी शादी के बाद अपनी दूसरी पत्नी के साथ रहते हैं। ऐसे में पूजा की पढ़ाई और परिवार की जिम्मेदारी उनकी मां के कंधों पर रही। मां के पास कृषि भूमि भी नहीं है और परिवार का खर्च चलाने के लिए वे दूसरे लोगों के खेतों में मजदूरी करती हैं।

सीमित संसाधनों के बावजूद मां ने बेटी की पढ़ाई जारी रखी। पूजा ने ग्राम राधापुर में प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सीतापुर से हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी की पढ़ाई की। उन्होंने 2022 में 12वीं की परीक्षा पास की।

महंगी कोचिंग के लिए बड़े शहर जाने की स्थिति नहीं थी। इसलिए पूजा ने 2022 से 2026 तक घर पर रहकर ही लगातार चार साल NEET की तैयारी की। दिव्यांगता और आर्थिक चुनौतियों के बीच भी उन्होंने डॉक्टर बनने का लक्ष्य नहीं छोड़ा।

NEET-2026 में सफलता के बाद काउंसलिंग के जरिए उन्हें मेडिकल कॉलेज जगदलपुर में प्रवेश मिला। कलेक्टर अजीत वसंत ने पूजा की सफलता की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में पूजा की मेहनत और आत्मविश्वास दूसरे विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायी है।

अब शासन से मिली आर्थिक सहायता से पूजा की मेडिकल शिक्षा आगे जारी रखने में मदद मिलेगी। मां की मेहनत, बेटी की लगन और प्रशासन के सहयोग ने उनके डॉक्टर बनने के सपने की राह आसान कर दी है।

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