रायपुर। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पारित न हो पाने के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने आज राजधानी रायपुर की सड़कों पर उतरकर शक्ति प्रदर्शन किया।
बीजेपी महिला मोर्चा द्वारा निकाली गई इस ‘जनआक्रोश रैली’ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए घोषणा की कि इस मुद्दे पर छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया जाएगा।
सुभाष स्टेडियम में गरजी भाजपा
बलबीर जुनेजा इंडोर स्टेडियम से शुरू हुई यह रैली सुभाष स्टेडियम पहुंचकर विशाल जनसभा में तब्दील हो गई। रैली में मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, डिप्टी सीएम अरुण साव और कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सहित भारी संख्या में महिला कार्यकर्ता शामिल हुईं।
विपक्ष पर ‘धोखाधड़ी’ का आरोप
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा महिलाओं के सम्मान को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा:
“प्रधानमंत्री मोदी ने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ से लेकर देश के सर्वोच्च पद पर एक महिला को बैठाने तक का काम किया है। लेकिन जब देश की 70 करोड़ महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की बारी आई, तो विपक्षी पार्टियों ने अड़ंगा लगाकर उन्हें धोखा दिया है।”
निंदा प्रस्ताव की तैयारी
सीएम साय ने स्पष्ट किया कि विपक्ष का यह महिला विरोधी चेहरा जनता के सामने लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर विपक्ष के इस कृत्य के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करेगी।
रैली के दौरान सांसद रूपकुमारी चौधरी और कमलेश जांगड़े ने भी संबोधित किया और इसे महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों पर कुठाराघात बताया। भाजपा का कहना है कि आरक्षण बिल का गिरना न केवल संसद का अपमान है, बल्कि यह आधी आबादी के विकास की राह में रोड़ा अटकाने जैसा है। विधानसभा के आगामी विशेष सत्र में इस मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति और गरमाने के आसार हैं।
