खरीफ सीजन: खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण, गड़बड़ी करने वाले 8 केंद्रों पर कार्रवाई

रायपुर। खरीफ सीजन 2026 को देखते हुए कोरबा जिले में किसानों के लिए खाद और बीज का पर्याप्त भंडारण किया गया है।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को उर्वरकों और बीजों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। वहीं वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी करने वालों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई तेज कर दी है।

कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर उर्वरकों के भंडारण और वितरण की लगातार निगरानी की जा रही है।

अनियमितता पाए जाने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

कृषि विभाग के अनुसार 1 अप्रैल से अब तक 115 विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया है। जांच के दौरान गड़बड़ियां मिलने पर 28 केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जबकि 8 केंद्रों के लाइसेंस या बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। एक केंद्र से अवैध रूप से भंडारित 58 बोरी यूरिया भी जब्त किया गया है।

जिले में सहकारी क्षेत्र के लिए 12,700 मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य तय किया गया है। इसके मुकाबले 7,132.58 मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया जा चुका है।

किसानों ने अब तक 1,129.94 मीट्रिक टन खाद का उठाव किया है, जबकि 6,002.64 मीट्रिक टन उर्वरक अभी भी उपलब्ध है।

कृषि विभाग ने बताया कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग पूरी तरह स्वैच्छिक रहेगा। किसी भी किसान को इन्हें खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।

जिले में 11,886 लीटर नैनो उर्वरक का भंडारण किया गया है, जिसमें अधिकांश स्टॉक अभी उपलब्ध है।

इसके साथ ही किसानों को जैविक और हरी खाद के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। हरी खाद के रूप में ढैंचा और मूंग बीज का वितरण किया जा रहा है।

कृषि विभाग का कहना है कि संतुलित उर्वरक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी और खेती अधिक लाभकारी बनेगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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