माइक्रो फाइनेंस कम्पनियों के साथ पुलिस प्रशासन ने की बैठक, सुनाया SP का संदेश, ग्राहकों से न हो धोखाधड़ी और लोन रिकवरी में अपनाएं कानूनी प्रक्रिया

नितिन@रायगढ़। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के निर्देश पर जिले में संचालित सभी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के प्रबंधकों के साथ पुलिस नियंत्रण कक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक रखी गई। बैठक का नेतृत्व डीएसपी साइबर सेल अभिनव उपाध्याय ने किया। खरसिया और धरमजयगढ़ समेत जिला मुख्यालय में सक्रिय माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के प्रतिनिधियों को उनके कंपनियों के लीगल डाक्यूमेंट्स के साथ सूचित कर बुलाया गया।
बैठक का उद्देश्य आपसी समन्वय के साथ ग्राहकों को फाइनेंशियल फ्रॉड से बचाने और लोन रिकवरी में कानूनी प्रक्रिया अपनाने को सुनिश्चित करना था। एस पी ने कंपनियों को आर बी आई और आईबीआई की गाइडलाइन के साथ जिला प्रशासन की जानकारी में नियमों का पालन करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि ग्राहकों से आईडी प्रूफ और केवाईसी जैसे दस्तावेजों की सही तरीके से जांच होनी चाहिए, ताकि फर्जीवाड़े की आशंका खत्म हो और कंपनी यह सुनिश्चित करें कि ग्राहकों के साथ किसी भी प्रकार का फ्रॉड न हो। ग्राहकों के साथ पारदर्शिता बनाए रखें और उन्हें वास्तविक योजनाओं की जानकारी दें। लोन रिकवरी के लिए कानूनी तरीका अपनाएं और जरूरत पड़ने पर लोकल कोर्ट में मामला दर्ज कराएं ।
डीएसपी अभिनव उपाध्याय ने बैठक में कंपनियों के सभी दस्तावेजों की जांच की और उन्हें आरबीआई और जिला प्रशासन के मानकों का पालन करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध माइक्रो फाइनेंस कंपनियां संचालित हो रही हों, तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें। आपसी समन्वय बनाने के लिए माइक्रो फाइनेंस कंपनियों और पुलिस अधिकारियों का एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया है। एसपी ने कहा कि यह बैठक आपसी समन्वय के लिए आयोजित की गई है, और आगे भी ऐसी बैठकें होती रहेंगी। इस बैठक में ग्राहकों की सुरक्षा और कंपनियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने की बात कही गई। बैठक में करीब 40 माइक्रो फाइनेंस कंपनियां के प्रतिनिधि तथा साइबर सेल के प्रधान आरक्षक राजेश पटेल, दुर्गेश सिंह, आरक्षक नवीन शुक्ला, प्रताप बेहरा, गजेन्द्र प्रधान, प्रमोद सागर उपस्थित रहे।