PM-सेतु योजना से बदलेंगी ITI की तस्वीर: AI और ड्रोन टेक्नोलॉजी की मिलेगी ट्रेनिंग, स्मार्ट क्लासरूम भी बनेंगे

मुख्य सचिव विकासशील ने की समीक्षा, उद्योगों की भागीदारी से रोजगारोन्मुखी बनाया जाएगा प्रशिक्षण

रायपुर। प्रदेश की सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं (ITI) को अब आधुनिक तकनीक और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप अपग्रेड किया जाएगा। प्रधानमंत्री कौशल उन्नयन एवं तकनीकी शिक्षा उन्नयन (PM-SETU) योजना के तहत आईटीआई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन तकनीक और अन्य उभरती तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में राज्य स्तरीय स्टीयरिंग समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में पीएम-सेतु योजना के तहत चयनित आईटीआई के उन्नयन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में बताया गया कि संस्थानों में पुरानी मशीनों को हटाकर नई तकनीक आधारित मशीनें स्थापित की जाएंगी। साथ ही डिजिटल कंटेंट, स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योगों की वर्तमान जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान करना है।

मुख्य सचिव ने स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए उद्योगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में उद्योग नेतृत्व वाले एंकर इंडस्ट्रियल पार्टनर्स के चयन के लिए पात्रता मानदंड तय करने और विभिन्न उद्योगों एवं सार्वजनिक उपक्रमों को प्रक्रिया में शामिल करने पर चर्चा की गई। इसके अलावा एंकर इंडस्ट्रियल पार्टनर्स के ऑनबोर्डिंग के लिए जारी किए जाने वाले प्रस्तावों के प्रारूप पर भी विचार-विमर्श किया गया।

अधिकारियों के अनुसार उद्योगों के सहयोग से आईटीआई को अधिक रोजगारोन्मुखी बनाया जाएगा, जिससे प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को सीधे रोजगार और अप्रेंटिसशिप के अवसर मिल सकें।

बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव बसवराजु एस., वित्त, श्रम, स्कूल शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, सीआईआई तथा भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता महानिदेशालय के प्रतिनिधियों सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

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