StateNewsदेश - विदेश

परीक्षा पे चर्चा में पीएम मोदी का संदेश: विदेशी आदतें छोड़ें, एक साल में हर विदेशी चीज को स्वदेशी से बदलें

दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ (PPC) के 9वें संस्करण में देशभर के छात्रों से संवाद करते हुए न सिर्फ परीक्षा तनाव, पढ़ाई और जीवन कौशल पर बात की, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के सपने को भी छात्रों से जोड़ दिया।

पीएम ने कहा कि आज हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में कंघी से लेकर टूथब्रश तक विदेशी हो गए हैं। अगर हर छात्र एक संकल्प ले कि एक साल में एक-एक विदेशी चीज को स्वदेशी से बदलेगा, तो विकसित भारत का सपना जरूर साकार होगा।

प्रधानमंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि जब आजादी के 100 साल पूरे होंगे, तब आज के छात्र 39-40 साल के होंगे। उस समय देश को किस दिशा में ले जाना है, इसका सपना अभी से देखना जरूरी है।

उन्होंने भगत सिंह जैसे स्वतंत्रता सेनानियों का उदाहरण देते हुए कहा कि आजादी से पहले जिन लोगों ने बलिदान दिया, उन्हीं के सपनों से आज का भारत बना है।

परीक्षा के तनाव पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मार्क्स को ही सब कुछ मानने की बीमारी ठीक नहीं है। असली सवाल यह होना चाहिए कि पढ़ाई से हमारे जीवन में क्या बदलाव आया।

प्रेजेंटेशन के डर पर उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास सच्चाई और अपने काम पर भरोसे से आता है। स्किल और मार्क्स के सवाल पर पीएम ने संतुलन बनाए रखने की सलाह दी।

गेमिंग में रुचि रखने वाले छात्रों को पीएम ने भारतीय कहानियों पर आधारित गेम बनाने का सुझाव दिया। पंचतंत्र और अभिमन्यु जैसी कहानियों को उदाहरण के तौर पर रखते हुए उन्होंने स्टार्टअप सोच को बढ़ावा देने की बात कही।

इस साल PPC के 9वें संस्करण में 6.76 करोड़ से ज्यादा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम दिल्ली, कोयंबटूर, रायपुर, देव मोगरा और गुवाहाटी सहित पांच राज्यों में आयोजित संवादों के जरिए हुआ।

‘परीक्षा पे चर्चा’ अब सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों को आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच देने वाला जन आंदोलन बन चुका है।

Related Articles

Back to top button