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देशभर में मानसून का असर तेज: गुजरात में बाढ़ जैसे हालात, महाराष्ट्र-राजस्थान में जलभराव; कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून अब देश के लगभग सभी हिस्सों में पहुंच चुका है। केवल राजस्थान और गुजरात के कुछ क्षेत्रों में इसकी औपचारिक दस्तक बाकी है, लेकिन इससे पहले ही कई राज्यों में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 5 जुलाई तक मानसून पूरे देश को कवर कर सकता है।

गुजरात में लगातार बारिश से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। जूनागढ़ जिले के मेंडरडा क्षेत्र में समधियाला गांव के पास बाढ़ के पानी में चार वाहन फंस गए, जिनमें सवार 19 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। गिर सोमनाथ के वेरावल बंदरगाह पर खराब मौसम को देखते हुए चेतावनी संकेत जारी किए गए हैं और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

महाराष्ट्र में मुंबई, नवी मुंबई, वसई-विरार और पालघर में मूसलाधार बारिश से सड़कों और रिहायशी इलाकों में जलभराव हो गया। नालासोपारा रेलवे स्टेशन के बाहर घुटनों तक पानी भरने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पालघर में एहतियातन स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं, जबकि कई जिलों के लिए ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया गया है।

राजस्थान में जयपुर समेत 22 जिलों में अच्छी बारिश हुई। सवाई मानसिंह अस्पताल के माइनर ऑपरेशन थिएटर में पानी भर जाने से मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट करना पड़ा। वहीं मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर और उज्जैन सहित कई जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई। उज्जैन में एक युवक पुलिया पार करते समय बाइक समेत बह गया।

उत्तर प्रदेश में कानपुर, मथुरा और झांसी समेत कई जिलों में बारिश का असर देखने को मिला। कानपुर में 108 मिमी बारिश के साथ 15 साल का रिकॉर्ड टूट गया। मेडिकल कॉलेज और कई सड़कों पर जलभराव हो गया, जबकि झांसी में आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान की मौत हो गई।

मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना, गोवा, केरल, तमिलनाडु, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड और आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

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