दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को अपने तीन देशों के दौरे के पहले चरण में इंडोनेशिया के लिए रवाना हो गए। जकार्ता पहुंचने पर वह इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस दौरान करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल डील पर सहमति बनने की संभावना है। यदि यह समझौता होता है, तो फिलीपींस के बाद इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस खरीदने वाला दूसरा विदेशी देश बन जाएगा।
दोनों नेताओं के बीच रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, डिजिटल साझेदारी और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। पिछले कुछ वर्षों में भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा और समुद्री सहयोग लगातार मजबूत हुआ है और इस यात्रा को रणनीतिक साझेदारी के नए चरण के रूप में देखा जा रहा है।
इंडोनेशिया दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी मध्य जावा स्थित विश्व प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर भी जाएंगे। भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित यह इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है। लगभग 240 मंदिरों वाले इस ऐतिहासिक परिसर को भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है।
यह प्रधानमंत्री मोदी का इंडोनेशिया का तीसरा दौरा है। इससे पहले 2018 में दोनों देशों ने अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था, जबकि 2023 में मोदी आसियान-भारत और ईस्ट एशिया शिखर सम्मेलन में भाग लेने जकार्ता पहुंचे थे।
यात्रा के दौरान साबंग पोर्ट पर सहयोग भी प्रमुख एजेंडे में रहेगा। मलक्का जलडमरूमध्य के निकट स्थित यह बंदरगाह हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री रणनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा भारत की रक्षा कूटनीति, समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक उपस्थिति को और मजबूत करेगा।
