गांव के मैदान से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचेंगे खिलाड़ी, छत्तीसगढ़ में बनेगा स्पोर्ट्स इकोसिस्टम

खेल उत्कर्ष मिशन की समीक्षा: 5 साल की कार्ययोजना बनेगी, बिलासपुर स्पोर्ट्स सेंटर में 300 खिलाड़ियों को मिलेगा प्रशिक्षण

रायपुर। छत्तीसगढ़ के गांवों, जनजातीय क्षेत्रों और दूरस्थ अंचलों की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के तहत व्यवस्थित प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके लिए अगले पांच वर्षों की कार्ययोजना तैयार होगी। बिलासपुर स्थित स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर में आवासीय खिलाड़ियों की क्षमता 165 से बढ़ाकर 300 करने की योजना है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन में मिशन की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को प्रतिभाओं की शुरुआती स्तर पर पहचान करने और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी संसाधनों और अवसरों की कमी के कारण पीछे नहीं रहना चाहिए। ज्ञानेश्वरी यादव और संजू देवी जैसी खिलाड़ियों की उपलब्धियां प्रदेश की खेल क्षमता को दर्शाती हैं।

स्कूलों से होगी प्रतिभाओं की पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल प्रतिभाओं की तलाश बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। गांवों और जनजातीय क्षेत्रों में तीरंदाजी, कबड्डी सहित कई खेलों में युवाओं की रुचि है। स्कूलों में व्यायाम शिक्षकों के माध्यम से नियमित खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और बच्चों की प्रतिभा पहचानने पर जोर दिया गया।

10 खेलों पर रहेगा फोकस

मिशन के तहत एथलेटिक्स, तीरंदाजी, हॉकी, मुक्केबाजी, कुश्ती, भारोत्तोलन, तैराकी, बैडमिंटन, जूडो और कबड्डी को प्राथमिकता देने पर चर्चा हुई। फीडर सेंटरों में शुरुआती प्रशिक्षण के बाद बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को खेल अकादमियों और उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण केंद्रों से जोड़ा जाएगा।

खिलाड़ियों के लिए योग्य कोच, पोषण, स्वास्थ्य परीक्षण, फिटनेस, मनोवैज्ञानिक सहयोग और चोट से बचाव जैसी सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

टैलेंट हंट और मुख्यमंत्री ट्रॉफी से मिलेगा मंच

खिलाड़ियों को विकासखंड, जिला और राज्य स्तर पर प्रतियोगिताओं के अवसर देने के लिए टैलेंट हंट और मुख्यमंत्री ट्रॉफी आयोजित करने की प्रस्तावित व्यवस्था पर चर्चा हुई। महिला और दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रशिक्षण और पैरा स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने खेल विभाग के साथ स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य और नगरीय प्रशासन सहित संबंधित विभागों को समन्वय से काम करने के निर्देश दिए। बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओपी चौधरी और मुख्य सचिव विकासशील सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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