पित्रोदा का दावा: राहुल के विदेश दौरों पर सरकार रखती है नजर, दूतावास करता है निगरानी

दिल्ली। ओवरसीज कांग्रेस के चेयरमैन और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा ने राहुल गांधी के विदेशी दौरों को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि जब भी राहुल गांधी विदेश जाते हैं, तब भारतीय दूतावास के अधिकारी उनकी गतिविधियों पर नजर रखते हैं और कई बार विदेशी नेताओं से मुलाकात न करने की सलाह भी दी जाती है। पित्रोदा ने यह बात इंडिया टुडे से बातचीत में कही।
पित्रोदा ने कहा, “मैंने खुद देखा है कि राहुल गांधी के होटल, मीटिंग्स और एयरपोर्ट मूवमेंट पर निगरानी रखी जाती है। हालांकि मेरे पास इसका कोई लिखित सबूत नहीं है, लेकिन अनुभव के आधार पर मैं यह बात कह रहा हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि विदेश यात्राएं अचानक तय नहीं होतीं, बल्कि महीनों पहले उनका कार्यक्रम बनता है, इसलिए यह कहना गलत है कि राहुल गांधी जानबूझकर विदेश जाकर देश की छवि खराब करते हैं।
भाजपा द्वारा लगाए गए आरोपों पर जवाब देते हुए पित्रोदा ने कहा कि सच कहीं भी बोला जाए, वह सच ही रहता है। भारत में बोले या विदेश में, इसमें दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए। जॉर्ज सोरोस और विदेशी फंडिंग से जुड़े आरोपों को उन्होंने बेबुनियाद बताया और कहा कि राहुल गांधी या कांग्रेस का किसी भी एंटी-इंडिया नेटवर्क से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने देश में बढ़ती हिंसा और अल्पसंख्यकों पर हमलों को लेकर चिंता जताई और कहा कि ऐसी घटनाएं भारत की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं। पित्रोदा ने मनरेगा की जगह लाए गए ‘जी-राम-जी’ कानून पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को धर्म से ऊपर उठकर शासन करना चाहिए। प्रधानमंत्री पूरे देश के होते हैं, किसी एक समुदाय के नहीं।
लोकतंत्र पर चिंता जताते हुए पित्रोदा ने कहा कि भारत समेत कई देशों में संस्थाएं दबाव में हैं। ईवीएम, वोटर लिस्ट और चुनाव आयोग को लेकर लोगों का भरोसा कमजोर हो रहा है। उन्होंने बांग्लादेश समेत पड़ोसी देशों में अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा पर भी चिंता जताई और कहा कि भारत को क्षेत्रीय शांति के लिए नेतृत्व दिखाना चाहिए।
गौरतलब है कि राहुल गांधी हाल ही में जर्मनी दौरे पर थे, जहां उन्होंने बीजेपी पर संविधान कमजोर करने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में भाजपा ने राहुल पर देश को बदनाम करने और अराजकता फैलाने का आरोप लगाया है।





