पवन खेड़ा ने तेलंगाना हाई कोर्ट में लगाई गुहार: असम FIR के बाद अग्रिम जमानत की मांग, सियासी विवाद तेज

दिल्ली। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद कानूनी राहत के लिए तेलंगाना हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अग्रिम जमानत याचिका दाखिल कर गिरफ्तारी से संरक्षण की मांग की है। यह मामला उस वक्त तूल पकड़ गया जब असम पुलिस ने उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया।

दरअसल, पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिमंत बिस्व सरमा और उनकी पत्नी रिनिकी भुयन सरमा पर विदेशी संपत्तियों और शेल कंपनियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। खेड़ा ने दावा किया कि उनके पास इन आरोपों से जुड़े दस्तावेज हैं और उन्होंने मुख्यमंत्री से जवाब मांगा।

इन बयानों के बाद असम पुलिस ने खेड़ा के खिलाफ जालसाजी, मानहानि और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। पुलिस की क्राइम ब्रांच उनकी तलाश में सक्रिय हो गई है। हाल ही में दिल्ली स्थित उनके आवास पर भी छापेमारी की गई, जहां से डिजिटल सबूत जुटाए गए। बताया जा रहा है कि उनकी लोकेशन को लेकर अलग-अलग राज्यों में तलाश जारी है, जिसमें हैदराबाद भी शामिल है।

इस पूरे मामले पर पवन खेड़ा ने पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने सवालों से बचने के लिए पुलिस का सहारा लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पीछे राजनीतिक कारणों से कार्रवाई की जा रही है। वहीं, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि कानून अपना काम करेगा और आरोपी को कहीं से भी ढूंढ निकाला जाएगा।

यह विवाद अब कानूनी लड़ाई के साथ-साथ राजनीतिक रंग भी ले चुका है। एक ओर कांग्रेस इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा बता रही है, तो दूसरी ओर सत्ताधारी पक्ष इसे दुष्प्रचार करार दे रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले पर अदालत का रुख काफी अहम माना जा रहा है।

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