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पश्चिमी विक्षोभ बदल सकते हैं मौसम, छत्तीसगढ़ में कड़कड़ाती ठंड से जल्द मिलेगी राहत

रायपुर। मकर संक्रांति के बाद से दिन की लंबाई में बढ़ोतरी और धूप की चुभन ने गर्मी का अहसास बढ़ा दिया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य में कड़कड़ाती ठंड का असर अब धीरे-धीरे कम होने लगेगा। आने वाले दिनों में तीन पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से न्यूनतम तापमान बढ़ सकता है, जिससे रात और सुबह ठंड का असर 26 जनवरी तक कम हो सकता है।

जनवरी के पहले और दूसरे सप्ताह में छत्तीसगढ़ में पड़ने वाली शीतलहर जैसी ठंड अब पीछे छूट रही है। ठंड के दिनों में शाम करीब साढ़े पांच बजे अंधेरा होने लगता था, लेकिन अब शाम 6 बजे के बाद ही सूर्यास्त शुरू हो रहा है। यह क्रम धीरे-धीरे और बढ़ेगा।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 14 जनवरी को मकर संक्रांति के साथ सूर्य की दिशा उत्तर होने के बाद दिन की लंबाई बढ़ने लगी। इसके चार दिन बाद से धूप की तपिश बढ़ने लगी। रविवार को रायपुर में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री अधिक होकर 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बावजूद रात में रायपुर, दुर्ग और माना के कई इलाकों में ठंड बनी रही।

आगामी 24 घंटे में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के असर से तापमान में वृद्धि की संभावना है। इससे ठंड का प्रभाव रिहायशी इलाकों में कम होगा और बाहरी इलाकों में धीरे-धीरे महसूस किया जाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस सीजन में माना इलाके में ठंड ने पिछले 15 सालों में सबसे जोरदार असर दिखाया। मैनपाट, बलरामपुर, जशपुर और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में रात का तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। सामान्यतः खुले इलाकों में ठंड और गर्मी का असर अधिक महसूस किया जाता है। आगामी दिनों में मौसम में बदलाव से लोगों को ठंड से राहत मिलने की संभावना है।

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