नए साल पर देशभर के धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर श्रद्धालुओं और सैलानियों का सैलाब

दिल्ली। नए साल के जश्न से पहले देशभर के धार्मिक और पर्यटन स्थल श्रद्धालुओं और पर्यटकों से गुलजार रहे। उत्तर प्रदेश में काशी विश्वनाथ और अयोध्या के रामलला मंदिरों में दर्शन के लिए 2 किलोमीटर लंबी लाइनें लगीं। अयोध्या में हनुमानगढ़ी और बरसाना में श्रद्धालु घंटों कतार में खड़े रहे, जबकि बांके बिहारी मंदिर के आसपास चाट, प्रसाद और लस्सी की दुकानों पर भारी भीड़ देखी गई।
राजस्थान में सीकर के खाटूश्यामजी मंदिर में दर्शन के लिए चार लाइनें लगी हुई थीं। राजसमंद के श्रीनाथ मंदिर में रोजाना 25 से 30 हजार श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। जैसलमेर के सम रेगिस्तान और सोनार फोर्ट में पिछले 10 सालों में सबसे ज्यादा भीड़ रही। जयपुर के नाहरगढ़ फोर्ट, हवामहल और सिटी पैलेस में पर्यटकों की भारी संख्या ने शहर के पर्यटन स्थलों को जीवंत बना दिया।
मध्य प्रदेश में उज्जैन के महाकाल मंदिर में नए साल पर 12 लाख भक्त पहुंचने का अनुमान है। कालभैरव और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में भी लाखों श्रद्धालु जुट रहे हैं। पंजाब के अमृतसर में स्वर्ण मंदिर और उसके आस-पास की हेरिटेज स्ट्रीट भी पर्यटकों और श्रद्धालुओं से भरी हुई है।
हिमाचल प्रदेश के मनाली में देशभर से टूरिस्ट पहुंचे। रोहतांग दर्रे पर वाहन ले जाने की रोक हटने के बाद पर्यटक आसानी से अपने वाहन से पहुंच रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में गुलमर्ग और पहलगाम के होटलों की बुकिंग लगभग 100% तक पहुंच गई। बर्फबारी के पूर्वानुमान और विंटर स्पोर्ट्स गेम्स ने पर्यटकों को और आकर्षित किया।
सैलानियों और श्रद्धालुओं की भीड़ ने नए साल के अवसर को देशभर में उत्सव और आनंद का स्वरूप दिया। धार्मिक स्थलों पर दर्शन की कतारों और पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की उमड़ती भीड़ ने दर्शाया कि कोरोना और पिछले घटनाओं के बावजूद लोग अब फिर से यात्रा और पूजा-पाठ में लौट रहे हैं।





