पंजाब CM भगवंत मान की 45 मिनट पेशी,बोले- अकाल तख्त को नहीं चुनौती दी; नंगे पैर पेश हुए

अमृतसर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज (15 जनवरी) अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में पेश हुए।
करीब 45 मिनट चली पेशी में सीएम ने जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज को अपने सभी बयान और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही आपत्तिजनक वीडियो को लेकर स्पष्टीकरण दिया।
भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अकाल तख्त को चुनौती नहीं दी और न ही उनका ऐसा इरादा था। उन्होंने नंगे पैर माथा टेककर पेशी में हिस्सा लिया और जत्थेदार को सभी मांगे गए दस्तावेज सौंपे।
पेशी से पहले सीएम मान गोल्डन टेंपल पहुंचे और माथा टेका। इसके बाद दो काले बैग लेकर अकाल तख्त सचिवालय गए। पेशी के दौरान मीडिया को अनुमति नहीं थी।
AAP विधायक कुलदीप धालीवाल ने बताया कि अंदर केवल सीएम और जत्थेदार मौजूद थे और बातचीत में जत्थेदार के सभी सवालों के जवाब दिए गए।
जत्थेदार गड़गज ने 5 जनवरी को CM को तलब किया था, जिसमें अपत्तिजनक वीडियो और गोलक से जुड़े सिख मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगा गया। अकाल तख्त में पेश होने वाले भगवंत मान चौथे मुख्यमंत्री हैं, इससे पहले भीम सेन सच्चर, सुरजीत सिंह बरनाला और प्रकाश सिंह बादल को पेश किया गया था।
पेशी के दौरान CM ने जत्थेदार को स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो नकली है और इसकी फॉरेंसिक जांच कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि भविष्य के निर्देश और फैसलों के बारे में उन्हें बताया जाएगा और उन्हें संतुष्टि हुई कि उन्होंने लोगों की भावनाओं के अनुसार स्पष्टीकरण दिया।
पेशी का समय चार बार बदला गया था। CM मान ने लाइव टेलीकास्ट की मांग की थी, लेकिन SGPC ने इसे अनुमति नहीं दी। इसके बावजूद वीडियो रिकॉर्डिंग की संभावना बनी रही। सीएम की पेशी के बाद जत्थेदार गड़गज ने दोपहर 1:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस भी बुलाई।
इस पेशी के जरिए CM भगवंत मान ने स्पष्ट कर दिया कि उनका मकसद सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था और उन्होंने पूर्ण विनम्रता और सिख परंपरा का पालन करते हुए अकाल तख्त में माथा टेका।





