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शराब की ओवररेट बिक्री पर अफसर निलंबित, अवैध शराब की सामग्री जब्त

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब की निर्धारित कीमत से ज्यादा वसूली और अवैध शराब निर्माण के खिलाफ आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। महासमुंद में शराब ओवररेट बेचने की पुष्टि होने पर आबकारी उप निरीक्षक नितेश सिंह बैस को निलंबित किया गया है।

वहीं कांकेर के भानुप्रतापपुर में अवैध शराब बनाने की सामग्री मिलने के मामले में आबकारी उप निरीक्षक रानू मरकाम और सहायक जिला आबकारी अधिकारी मधुकर श्याम हरित पर भी निलंबन की कार्रवाई हुई है।

190 की शराब 200 रुपए में बेची

राज्य स्तरीय उड़नदस्ता टीम ने 7 सितंबर को महासमुंद की कम्पोजिट मदिरा दुकान तुमा डबरी (बेमचा) का आकस्मिक निरीक्षण किया। छद्म ग्राहक के जरिए कराए गए सत्यापन में बैगपाइपर व्हिस्की का एक पाव 190 रुपए की निर्धारित कीमत के बजाय 200 रुपए में बेचना पाया गया। इसके बाद दोबारा खरीद परीक्षण में दूसरे विक्रयकर्ता ने भी यही शराब 200 रुपए में बेची।

दो पाव की निर्धारित कीमत 380 रुपए थी, लेकिन ग्राहकों से 400 रुपए लिए गए। यानी कुल 20 रुपए ज्यादा वसूले गए। दोनों विक्रयकर्ताओं के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 39(ग) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

दुकान प्रभारी नितेश सिंह बैस निलंबित

विभाग ने इसे निगरानी में गंभीर लापरवाही और शिथिल नियंत्रण माना। इसके बाद मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी महासमुंद नितेश सिंह बैस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय दुर्ग स्थित संभागीय उड़नदस्ता कार्यालय रहेगा।

कांकेर में 4409 खाली बोतलें मिलीं

भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र के बसंत नगर में पुलिस ने एक सूने किराए के मकान पर कार्रवाई की। यहां से अवैध शराब निर्माण से जुड़ी 4409 खाली शराब की बोतलें और पौवे, 3380 ढक्कन, 105 पत्ते स्टीकर-होलोग्राम बरामद हुए। इसके अलावा जम्मू स्पेशल व्हिस्की के 30 भरे पौवे भी मिले, जिनमें 5.400 लीटर शराब थी।

दो अधिकारियों पर भी कार्रवाई

यह क्षेत्र आबकारी उप निरीक्षक रानू मरकाम के प्रभार में था। विभाग ने गंभीर अनियमितता को कर्तव्य में लापरवाही मानते हुए उन्हें निलंबित कर दिया। इसी मामले में जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय के प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी मधुकर श्याम हरित को भी प्रभावी निगरानी नहीं रखने के आरोप में निलंबित किया गया है।

दो अफसरों से मांगा जवाब

महासमुंद मामले में सहायक जिला आबकारी अधिकारी दीपक ठाकुर और अजय कुमार पाण्डेय को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। दोनों से 7 दिन में जवाब मांगा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि शराब की ओवररेट बिक्री, अवैध निर्माण और निगरानी में लापरवाही के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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