पंडो जनजाति की जमीन पर कब्जा: 50 एकड़ भूमि को लेकर विवाद; ग्रामीणों ने एसपी से लगाई गुहार

सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से विशेष पिछड़ी जनजाति ‘पंडो’ के शोषण का एक गंभीर मामला सामने आया है। लखनपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत मांजा (मोहल्ला राजाकटेल) के दर्जनों पंडो ग्रामीण शुक्रवार को कलेक्टोरेट पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी करीब 50 एकड़ पैतृक भूमि पर मुस्लिम समुदाय के कुछ रसूखदार लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है और अब उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
राजस्व रिकॉर्ड में धोखाधड़ी और धमकियां
पुलिस अधीक्षक (SP) को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि वे पीढ़ियों से इस जमीन पर काबिज हैं। आरोप है कि जमील अहमद, शकील अहमद, समीम, और गुलबहार अहमद सहित अन्य लोगों ने छलपूर्वक उनकी जमीन अपने नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करा ली है। जब भी ग्रामीण अपनी जमीन वापस मांगते हैं या कब्जा हटाने की बात करते हैं, तो उन्हें और उनके परिवारों को जान से मारने की धमकी दी जाती है।
फर्जी वन अधिकार पट्टे का आरोप
पंडो जनजाति के लोगों ने यह भी शिकायत की है कि आरोपियों ने न केवल निजी भूमि, बल्कि सरकारी जमीनों पर भी कब्जा कर लिया है। इतना ही नहीं, गांव की जमीन पर कूटनीति के जरिए वन अधिकार पट्टा भी हासिल कर लिया गया है। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करने और उनकी पैतृक भूमि वापस दिलाने की मांग की है।
प्रशासनिक आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने बताया कि उदयपुर एसडीएम को पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, एएसपी अमोलक सिंह ने आश्वस्त किया है कि दस्तावेजों की जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन सौंपने वालों में रतियानो, सलमान, और मुन्ना पंडो सहित समाज के कई लोग शामिल थे। छत्तीसगढ़ में विशेष संरक्षित जनजातियों के अधिकारों की रक्षा के लिए कड़े कानून हैं, ऐसे में प्रशासन की इस जांच पर सबकी निगाहें टिकी हैं।





