अब घर बैठे होगी दस्तावेजों की रजिस्ट्री: वीडियो KYC से 75 तरह के दस्तावेजों का पंजीयन

भोपाल। मध्यप्रदेश में अब आम नागरिकों को दस्तावेजों की रजिस्ट्री के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राज्य सरकार ने संपदा-2.0 के तहत साइबर पंजीयन कार्यालय की शुरुआत कर दी है, जिससे 75 प्रकार के दस्तावेजों का पंजीयन घर बैठे वीडियो केवाईसी के माध्यम से किया जा सकेगा। इस नई सुविधा का शुभारंभ सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित पंजीयन भवन में किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल तकनीक आधारित सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, शुचिता, तत्परता और नवाचार को बढ़ावा देना है, ताकि नागरिकों को सरल, तेज और भरोसेमंद सेवाएं मिल सकें। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था से समय और धन दोनों की बचत होगी तथा प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस होगी।
इस सुविधा के अंतर्गत लीज डीड, लीज नवीनीकरण, पावर ऑफ अटॉर्नी, माइनिंग लीज, हलफनामा, साझेदारी डीड सहित कुल 75 प्रकार के दस्तावेजों का ऑनलाइन पंजीयन किया जा सकेगा। संपदा-2.0 में कुल 141 प्रकार के दस्तावेजों के पंजीयन की व्यवस्था है, शेष सेवाओं को भी चरणबद्ध तरीके से जोड़ा जाएगा।
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि साइबर पंजीयन को सुचारू रूप से लागू करने के लिए प्रदेशभर के लगभग 14 लाख कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक संपदा-2.0 के माध्यम से 14 लाख 95 हजार से अधिक दस्तावेजों का पंजीयन हो चुका है।
नई प्रणाली में नागरिकों की पहचान आधार और पैन आधारित ई-केवाईसी से की जाएगी। आधार आधारित मोबाइल एप के जरिए अंगूठे और आइरिस का प्रमाणीकरण होगा। भूमि संबंधी दस्तावेज लैंड रिकॉर्ड पोर्टल से स्वतः जुड़ जाएंगे और जियो टैगिंग व्यवस्था से जमीन का सही मूल्य कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार स्वतः प्राप्त हो जाएगा। सरकार का दावा है कि यह पहल न केवल नागरिक सुविधाओं में इजाफा करेगी, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी रोक लगाएगी।



