Rajnandgaon: गर्मी की शुरुआत भी नहीं हुई…..इधर पानी के लिए तरसे 24 गांव…..अब प्रशासन जल्द पानी मुहैया कराने की कर रहे बात

राजनादगांव। (Rajnandgaon) राजनांदगांव जिले में पानी को लेकर एक नहीं कई गांवों में त्राहि-त्राहि मच रही है। वही राजनिति भी पूरे उबाल पर है। लेकिन आम आदमी को इससे कोई मतलब नहीं है। उन्हें तो निस्तारी के लिए पानी चाहिए। जो उन्हे अभी नसीब नहीं हुआ है। (Rajnandgaon) पानी नहीं मिलने से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर कर प्रदर्शन कर पानी की मांग करने को मजबूर हो गए। (Rajnandgaon) वही जिला प्रशासन लोगो को जल्द पानी की सुविधा मुहैया करवाने की बात कह रहे हैं।
24 गांवों में पानी का संकट गहराया
शिवनाथ नदी के तट पर बसे लगभग 24 गांवों में पानी का संकट अभी से गहराने लगा है हम बात कर रहे हैं। राजनांदगांव शहर से महज 15 किलोमीटर दूर बसे ग्राम धीरी के पास बने 24 करोड़ रुपये की लागत से बने स्टाप डैम की जिसे पूर्व की सरकार ने इन 24 गांवों को चिन्हित कर इस डैम को बनवाया था। लेकिन नदी के सुखते हि यह प्रोजेक्ट फेल हो गया। अब लोग चक्का जाम कर प्रशासन से पानी की गुहार लगा रहे हैं। इस मामले में राजनीति भी खूब हो रही कांग्रेस जहां इसे रमन सरकार की भ्रष्टाचार की देन मान रहा।विपक्ष भाजपा इसे वर्तमान सरकार की ठोस प्लानिंग की कमी मान रहा है ।
सड़कों पर भिड़े भाजपा और कांग्रेस नेता
सड़क जाम करने पहुचें भाजपाइयों और कांग्रेस के नेता बीच सड़क पर ही एक दूसरे से भिड़ गए। इस बबीच पुलिस को बीच-बचाव कर मामले को शांत करना पडा। लेकिन ठोस कदम उठाने के लिए कोई सही सुझाव देते नज़र नहीं आया ।
पानी के लिए तरस रहे 24 गांव
लोगों को पीने का पानी पहुंचाने के लिए शासन प्रशासन कितना गंभीर है। यह तो सिर्फ इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है । धीरी में बने एनीकट के पास ही इंटकवेल बनना था। लेकिन इंटकवेल एक किलोमीटर दूर बना दिया गया। जहां एक बूंद पानी नहीं जो इन 24 गांवों के लिए पानी की सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है । इस समस्या के समाधान के लिए रायपुर से जल संसाधन विभाग के एसी राजेश गुप्ता ने ग्राम धीरी और इरा पहुचकर पानी की समस्या के समाधान जल्द निकालने की बात कही है। लेकिन इस समस्या का समाधान कब हो पाता है तो आने वाला समय ही बता पाएगा।