तिरुपति मंदिर लड्डू मामले में किसी को क्लीन चिट नहीं: SIT चार्जशीट में मिलावटी घी के सबूत, CBI रिपोर्ट में चर्बी की पुष्टि नहीं

दिल्ली। तिरुपति मंदिर के प्रसिद्ध श्रीवारी लड्डू में मिलावट के मामले में तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) बोर्ड ने साफ किया है कि इस प्रकरण में किसी को भी क्लीन चिट नहीं दी गई है। बोर्ड के चेयरमैन बीआर नायडू ने शुक्रवार को तिरुपति के पद्मावती रेस्ट हाउस में मीडिया से बातचीत में कहा कि कुछ समूह भक्तों को गुमराह कर रहे हैं और झूठा दावा कर रहे हैं कि मामले में दोषियों को क्लीन चिट दे दी गई है।
नायडू ने कहा कि SIT की चार्जशीट में यह स्पष्ट तौर पर साबित हुआ है कि लड्डू बनाने में इस्तेमाल होने वाले घी में मिलावट थी। वहीं, CBI की फाइनल चार्जशीट में कहा गया है कि प्रसाद में पशु चर्बी नहीं, बल्कि मिलावटी घी का इस्तेमाल हुआ। नेल्लोर कोर्ट में पेश रिपोर्ट के मुताबिक घी में वनस्पति तेल, बीटा कैरोटिन और एस्टर जैसे केमिकल की मिलावट पाई गई। आरोप है कि उत्तराखंड के भगवानपुर स्थित भोले बाबा डेयरी ने यह मिलावटी घी सप्लाई किया।
TTD चेयरमैन ने यह भी आरोप लगाया कि जिन कंपनियों के पास घी उत्पादन की क्षमता नहीं थी, उन्हें भी टेंडर दिए गए। करीब 60 लाख किलो मिलावटी घी खरीदा गया, जिसकी कीमत लगभग 250 करोड़ रुपए बताई गई है। NDDB के टेस्ट में घी में जानवरों की चर्बी की मौजूदगी की पुष्टि होने का दावा भी किया गया है।
दूसरी ओर, YSRCP नेता और पूर्व TTD चेयरमैन भूमना करुणाकर रेड्डी ने कहा कि CBI रिपोर्ट में लड्डू में पशु चर्बी नहीं मिलने की बात सामने आई है, जिससे राजनीतिक आरोपों का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस और जांच एजेंसियां अब पूरे मामले में सप्लायर, अधिकारियों और टेंडर प्रक्रिया की भूमिका की जांच कर रही हैं।





