अमेरिका-ईरान में नया विवाद: 8 महिलाओं की फांसी पर ट्रंप का दावा ‘फॉल्स न्यूज’ करार

दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। इस बार विवाद 8 महिला प्रदर्शनकारियों को फांसी दिए जाने की खबर को लेकर सामने आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उनके हस्तक्षेप के बाद ईरान ने इन महिलाओं की सजा रोक दी है, लेकिन तेहरान ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे “फॉल्स न्यूज” बताया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा था कि ईरान ने उनके अनुरोध का सम्मान करते हुए 8 महिलाओं को फांसी देने का फैसला वापस ले लिया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इनमें से चार महिलाओं को तुरंत रिहा किया जाएगा, जबकि बाकी को एक महीने की सजा दी जाएगी। ट्रंप ने इसे अपनी कूटनीतिक सफलता के रूप में पेश किया।
हालांकि, ईरानी न्यायपालिका की आधिकारिक एजेंसी ने इन दावों को सिरे से नकार दिया। एजेंसी के मुताबिक, ऐसी कोई स्थिति ही नहीं थी जिसमें 8 महिलाओं को फांसी दी जानी थी। ईरान ने आरोप लगाया कि ट्रंप झूठी खबरों के जरिए अपनी छवि सुधारने की कोशिश कर रहे हैं।
ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कुछ महिलाओं को पहले ही रिहा किया जा चुका है और बाकी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी है, लेकिन उन्हें फांसी की सजा नहीं दी जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन महिलाओं का जिक्र किया जा रहा था, उनमें से केवल एक—बीता हेम्मती—को ही मौत की सजा सुनाई गई थी, जो कथित रूप से सरकार विरोधी प्रदर्शनों में शामिल थीं।
इस पूरे घटनाक्रम पर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने ट्रंप के बयान का समर्थन करते हुए इसे कूटनीतिक उपलब्धि बताया। वहीं, ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव कम करने के लिए इस तरह के दावे किए जा रहे हैं।
इस विवाद ने दोनों देशों के बीच पहले से चल रहे तनाव को और बढ़ा दिया है।





