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पैन कार्ड के नए नियम लागू,बड़े वित्तीय लेनदेन पर अब होगी कड़ी निगरानी

नई दिल्ली। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के आगाज के साथ ही आयकर विभाग ने पैन (PAN) कार्ड से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव लागू कर दिए हैं। 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी इन नियमों का मुख्य उद्देश्य बड़े वित्तीय ट्रांजैक्शन में पारदर्शिता लाना और कर चोरी पर लगाम कसना है। अब पैन कार्ड बनवाने से लेकर इसके इस्तेमाल तक की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक सख्त हो गई है।

आवेदन के लिए अब आधार ही काफी नहीं

नए नियमों के अनुसार, अब पैन कार्ड के आवेदन के लिए केवल आधार कार्ड पर्याप्त नहीं होगा। पहचान और जन्मतिथि के सत्यापन के लिए अब अतिरिक्त दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। आवेदकों को अब जन्म प्रमाण पत्र, वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या 10वीं की मार्कशीट जैसे दस्तावेज अनिवार्य रूप से देने होंगे। साथ ही, अब पैन कार्ड पर नाम का अक्षर-अक्षर वही होना चाहिए जो आधार कार्ड में दर्ज है।

वित्तीय लेनदेन की नई सीमाएं (New Limits)

सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में पैन की अनिवार्यता की सीमाओं को पुनर्गठित किया है:

  • बैंकिंग: यदि किसी बैंक खाते में सालभर में 10 लाख रुपये या उससे अधिक की जमा-निकासी होती है, तो पैन देना अनिवार्य होगा।
  • वाहन खरीदी: अब 5 लाख रुपये से अधिक कीमत की गाड़ी खरीदने पर पैन कार्ड देना जरूरी होगा।
  • प्रॉपर्टी: अचल संपत्ति के मामले में अब 20 लाख रुपये से ऊपर के सौदों पर पैन अनिवार्य है (पहले यह सीमा 10 लाख थी)।
  • होटल एवं इवेंट: होटल, रेस्टोरेंट या किसी इवेंट के 1 लाख रुपये से अधिक के कैश बिल पर अब पैन की जानकारी देनी होगी।
  • बीमा: इंश्योरेंस प्रीमियम के लिए अब शुरुआत से ही पैन देना अनिवार्य कर दिया गया है, चाहे प्रीमियम की राशि कितनी भी हो।

कहाँ करें आवेदन?

नए पैन कार्ड या सुधार के लिए आयकर विभाग ने प्रोटीन ई-गव (Protean eGov), UTI-ITSL और विभाग की आधिकारिक ई-फाइलिंग वेबसाइट को अधिकृत किया है। सरकार जल्द ही नए आवेदन फॉर्म भी जारी करने वाली है। इन बदलावों से स्पष्ट है कि अब बड़े नकद लेनदेन और निवेश पर सरकार की सीधी नजर रहेगी।

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