छत्तीसगढ़ में LPG सप्लाई का नया फॉर्मूला: अस्पतालों और स्कूलों को मिलेगी 100% प्राथमिकता; होटलों के लिए कोटा तय

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ‘प्रायोरिटी चार्ट’ लागू कर दिया है।
खाद्य सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले के निर्देश पर कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं के लिए एक संतुलित वितरण व्यवस्था बनाई गई है। इसका मुख्य उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं को परेशानी से बचाना और अति-आवश्यक सेवाओं को बिना रुकावट गैस उपलब्ध कराना है।
अब पढ़े किसे कितनी मिलेगी सप्लाई?
नई व्यवस्था के तहत व्यावसायिक संस्थानों को उनकी पिछली खपत के आधार पर श्रेणीबद्ध किया गया है। आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए गैस वितरण का प्रतिशत तय किया गया है।
अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, सैन्य एवं अर्द्धसैन्य कैंप, जेल, हॉस्टल, समाज कल्याण संस्थान, रेलवे और एयरपोर्ट कैंटीन। शासकीय कार्यालय, सार्वजनिक उपक्रम (PSUs), उनके गेस्ट हाउस और कैंटीन। रेस्टोरेंट, होटल, पशु आहार संयंत्र और बीज उत्पादक इकाइयां।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत
खाद्य सचिव ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों और घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। घरेलू गैस की आपूर्ति पहले की तरह सुचारु रूप से जारी रहेगी। कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए पिछले महीनों की औसत खपत के आधार पर अधिकतम 20 प्रतिशत की सीमा के भीतर गैस प्रदाय करने पर ऑयल कंपनियों के साथ सहमति बनी है।
पारदर्शिता के लिए डेली मॉनिटरिंग
वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए ऑयल कंपनियां प्रतिदिन समीक्षा करेंगी। खाद्य सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने कहा, कि गैस वितरण की जानकारी रोजाना खाद्य विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी। हमारा लक्ष्य पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है ताकि किसी भी वर्ग को गैस की कमी का सामना न करना पड़े।”
इस निर्णय से राज्य में गैस की कालाबाजारी पर अंकुश लगेगा और आपातकालीन सेवाओं जैसे चिकित्सा और शिक्षा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह सभी वर्गों तक संतुलित रूप से गैस की उपलब्धता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।





