दिल्ली। सीबीआई ने NEET पेपर लीक मामले में बुधवार को दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या 13 पहुंच गई है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में लातूर निवासी डॉक्टर मनोज शिरूरे और पुणे के कोचिंग टीचर तेजस हर्षदकुमार शाह शामिल हैं।
जांच एजेंसी के मुताबिक डॉक्टर मनोज शिरूरे ने एक कोचिंग सेंटर संचालक के बेटे समेत तीन छात्रों को आरोपी पीवी कुलकर्णी के जरिए केमिस्ट्री का लीक पेपर उपलब्ध कराया था।
वहीं तेजस शाह पुणे स्थित डॉ. अभंगप्रभु मेडिकल एकेडमी में फिजिक्स पढ़ाता है। उसे फिजिक्स के लीक प्रश्न गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवलदार से मिले थे।
CBI की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि NEET का पेपर पांच राज्यों में बेचा गया था। सबसे ज्यादा बिक्री महाराष्ट्र में हुई, जबकि राजस्थान दूसरे नंबर पर रहा।
एजेंसी को महाराष्ट्र और राजस्थान में पेपर प्रिंट कर बेचने के सबूत भी मिले हैं। जांचकर्ताओं का मानना है कि यह घोटाला पहले की आशंका से कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता है।
अब तक CBI ने कई राज्यों में 49 ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच के दौरान कई अहम दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। एजेंसी उन अभिभावकों की भी सूची तैयार कर रही है, जिनके खातों से आरोपियों के बैंक खातों में रकम ट्रांसफर हुई थी।
NTA ने NEET-UG 2026 उम्मीदवारों के लिए फीस रिफंड पोर्टल भी शुरू किया है। छात्र 27 मई रात 11:50 बजे तक बैंक डिटेल्स जमा कर सकते हैं।
गौरतलब है कि NEET-UG परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, लेकिन पेपर लीक की शिकायतों के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई थी।
