रायपुर। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में रविवार से तीन दिवसीय अभियान की शुरुआत हो गई।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर जिले के लखनपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की जीवनरक्षक दो बूंद पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे का स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य सरकार और समाज की साझा जिम्मेदारी है तथा पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए हर बच्चे तक समय पर दवा पहुंचाना जरूरी है।
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि भारत ने वर्षों के प्रयास, जनसहभागिता और स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत से पोलियो पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया है। अब इस उपलब्धि को बनाए रखना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने आसपास के 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाएं। उन्होंने कहा कि “दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत बरकरार” केवल नारा नहीं, बल्कि स्वस्थ भविष्य का राष्ट्रीय संकल्प है।
प्रदेश में 28 से 30 जून तक चल रहे इस अभियान के तहत करीब 35.99 लाख (लगभग 36 लाख) बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए राज्यभर में 14,396 पोलियो बूथ बनाए गए हैं।
अभियान में 28,791 टीमें और 57 हजार से अधिक स्वास्थ्यकर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, आशा कार्यकर्ता तथा स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। 29 और 30 जून को टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को दवा पिलाएंगी, जो बूथ तक नहीं पहुंच पाए।
स्वास्थ्य विभाग ने अभियान के दौरान दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों, शहरी मलिन बस्तियों, ईंट-भट्ठों, निर्माण स्थलों तथा प्रवासी एवं घुमंतू परिवारों के बच्चों तक विशेष रूप से पहुंच सुनिश्चित करने की व्यवस्था की है।
विभाग ने स्पष्ट किया कि हल्की सर्दी, खांसी या बुखार होने पर भी बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स दी जा सकती हैं। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।
