नवा रायपुर की नंदनवन जंगल सफारी: प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण का अनूठा संगम, पर्यटकों की पहली पसंद

रायपुर। नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-39 में स्थित नंदनवन जंगल सफारी आज छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण केंद्रों में शामिल है।
करीब 320.15 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली यह सफारी प्रकृति प्रेमियों, वन्यजीवों के शौकीनों और पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बन चुकी है। यहां पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को करीब से देखने के साथ जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण के बारे में जानने का अवसर मिलता है।
नंदनवन की शुरुआत वर्ष 1979 में रायपुर के मिनी जू के रूप में हुई थी। बाद में नवा रायपुर में आधुनिक जंगल सफारी विकसित की गई, जिसका उद्घाटन 1 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।
यहां शाकाहारी सफारी, टाइगर सफारी, भालू सफारी, लायन सफारी और 50 हेक्टेयर में फैला जू जोन प्रमुख आकर्षण हैं। पर्यटक चीतल, सांभर, नीलगाय, काला हिरण, बाघ, भालू और एशियाई शेरों को प्राकृतिक माहौल में देख सकते हैं।
नंदनवन में सफेद बाघ, दरियाई घोड़ा, घड़ियाल और क्लोन जंगली भैंसा ‘दीपाशा’ जैसे दुर्लभ वन्यजीव भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। विभिन्न चिड़ियाघरों के साथ पशु विनिमय कार्यक्रम के जरिए यहां दुर्लभ प्रजातियों का संरक्षण किया जा रहा है।
वन विभाग के अनुसार, जंगल सफारी में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2025-26 में 3.24 लाख से अधिक लोगों ने यहां भ्रमण किया, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है।
यहां समय-समय पर विश्व बाघ दिवस, अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस और वन्यजीव सप्ताह जैसे कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों और पर्यटकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाता है।
स्वामी विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लगभग 15 किलोमीटर और रायपुर रेलवे स्टेशन से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित नंदनवन जंगल सफारी सोमवार को छोड़कर सप्ताह के अन्य दिनों में पर्यटकों के लिए खुली रहती है। यह स्थल पर्यटन, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा का एक सफल मॉडल बनकर उभरा है।





