ChhattisgarhStateNewsछत्तीसगढ़

नई गाइडलाइन दर को लेकर नवा रायपुर से 500 से अधिक सुझाव, किसानों और जनप्रतिनिधियों ने उठाई न्यायसंगत मूल्य निर्धारण की मांग

रायपुर। प्रदेश सरकार द्वारा नई गाइडलाइन दर के निर्धारण को लेकर 31 दिसंबर तक दावा-आपत्ति और सुझाव आमंत्रित किए गए थे। इस प्रक्रिया के तहत नवा रायपुर क्षेत्र से ही 500 से अधिक सुझाव जिला प्रशासन को प्राप्त हुए हैं। ये सुझाव किसानों, सरपंचों, पंचों, जनपद सदस्यों और अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा व्यक्तिगत और सामूहिक दोनों रूपों में सौंपे गए हैं।

नवा रायपुर किसान संघर्ष समिति के अनुसार नवा रायपुर क्षेत्र के 27 ग्रामों से बड़ी संख्या में लोगों ने संगठित होकर सामूहिक सुझाव पत्र प्रशासन को सौंपा है। समिति का कहना है कि नवा रायपुर/अटल नगर क्षेत्र की भौगोलिक और प्रशासनिक परिस्थितियां सामान्य ग्रामीण क्षेत्रों से भिन्न हैं, इसलिए यहां गाइडलाइन दर का निर्धारण भी अलग आधार पर किया जाना चाहिए।

किसान संघर्ष समिति ने अपने सुझावों में उपबंध-2025 (दिनांक 7-11-2025) में वर्णित नगरीय एवं शहरी निवेश क्षेत्र से जुड़े प्रावधानों को प्रमुखता से उठाया है। समिति ने बताया कि इस उपबंध की लागू अवधि के दौरान 17 एवं 18 नवंबर 2025 को कुल 9 किसानों की भूमि रजिस्ट्री विधिवत रूप से संपन्न हुई, जो आपसी सहमति और स्वैच्छिक प्रक्रिया के तहत की गई थीं। इन रजिस्ट्रियों के बाद लगभग 200 से अधिक किसानों ने प्राधिकरण को आवेदन देकर अपनी भूमि आपसी सहमति से उपलब्ध कराने की इच्छा भी जताई है।

किसानों की मुख्य मांग है कि Guideline 2025-26 का निर्धारण लीज़-डीड (Lease Deed) की दरों के आधार पर किया जाए, क्योंकि नवा रायपुर क्षेत्र पूर्णतः प्रतिबंधित क्षेत्र है और यहां भूमि का स्वतंत्र बाजार व्यवहार संभव नहीं है। ऐसे में सामान्य गाइडलाइन दरों से वास्तविक मूल्य का आंकलन नहीं हो सकता।

किसानों ने स्पष्ट किया है कि वे नवा रायपुर के विकास के विरोधी नहीं हैं, बल्कि चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर एक स्मार्ट, आधुनिक और देश-विदेश में मॉडल शहर के रूप में विकसित हो। लेकिन यह तभी संभव है जब विकास प्रक्रिया में किसानों के साथ न्याय, सम्मान और सहभागिता सुनिश्चित की जाए।

Related Articles

Back to top button