नियद नेल्लानार योजना से बस्तर के 400 से अधिक गांव हुए आबाद : सीएम साय

नारायणपुर जिले को मिली 351 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात, लाल आतंक से रुके विकास को मिली रफ्तार
रायपुर। नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से बस्तर के 400 से अधिक गांवों में विकास की पहुंच सुनिश्चित हुई है। अब यह क्षेत्र तेजी से प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इन बातों को दोहराया।
सीएम साय दो दिवसीय प्रवास पर नारायणपुर जिले पहुंचे, जहां उन्होंने बस्तर पण्डुम के जिला स्तरीय कार्यक्रम में शिरकत कर 351 करोड़ 49 लाख रुपए के 357 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।
हाई स्कूल मैदान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक माओवाद के कारण बस्तर विकास से वंचित रहा, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं।
लाल आतंक की समाप्ति के साथ विकास को नई गति मिल रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से प्रदेश सरकार माओवाद उन्मूलन की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नियद नेल्लानार योजना से गांव-गांव तक योजनाएं पहुंच रही हैं। आत्मसमर्पित माओवादियों को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
उन्होंने पर्यटन, कृषि, पशुपालन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने का संकल्प भी दोहराया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 332 करोड़ रुपए के 6 बड़े निर्माण कार्यों की घोषणा की, जिनमें नारायणपुर को बीजापुर, दंतेवाड़ा और महाराष्ट्र सीमा से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण सड़क मार्ग शामिल हैं।
इससे अबूझमाड़ जैसे अंदरूनी क्षेत्रों को भी सीधा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही स्कूल भवन, आश्रम शाला और खेल मैदान के निर्माण की भी घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण में बस्तर पण्डुम की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह आयोजन जनजातीय विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम बन रहा है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित माओवादी नवदंपतियों को आशीर्वाद देकर समाज की मुख्यधारा में लौटने पर बधाई दी। इस दौरान मंत्री, सांसद, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।





