रायपुर में 365 दिन में 15 हजार से ज्यादा अपराध, राजनीति शुरू

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अपराध के आंकड़े डराने वाले हो गए हैं। वर्ष 2025 में जिले में कुल 15,896 अपराध दर्ज किए गए, जिनमें 280 रेप और 92 मर्डर के मामले शामिल हैं। यानी औसतन हर दो दिन में एक दुष्कर्म और हर चार दिन में एक हत्या। इसके अलावा 543 चाकूबाजी की घटनाएं दर्ज हुईं। सबसे ज्यादा अपराध खमतराई थाना क्षेत्र में सामने आए, जहां 1,013 एफआईआर दर्ज की गई।
SSP लाल उमेद सिंह ने बताया कि पिछले साल अपराध नियंत्रण के लिए कई स्तरों पर काम किया गया, लेकिन मामूली विवादों में हत्या के मामलों में बढ़ोतरी गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि मोबाइल चलाने से मना करने, ठंडा भजिया लाने, साथ चलने से इनकार जैसे छोटे-छोटे कारणों पर हत्या तक हो रही है। 2026 में ऐसे तात्कालिक और असामान्य विवादों से उपजने वाले अपराधों पर विशेष रणनीति बनाई जाएगी। महिला सुरक्षा और साइबर अपराध रोकथाम भी पुलिस की प्राथमिकता रहेगी।
ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई में रायपुर पुलिस ने 271 मामलों में 445 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से 100 से ज्यादा आरोपियों को सख्त सजा दिलाई जा चुकी है। पुलिस के अनुसार बड़े नारकोटिक्स रैकेट को तोड़ा गया है और आगे भी सख्त निगरानी रखी जाएगी।
यातायात व्यवस्था में भी सख्ती बढ़ी है। साल 2025 में पिछले वर्ष की तुलना में 50 प्रतिशत ज्यादा ई-चालान काटे गए। SSP ने कहा कि सड़क हादसों को कम करने के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
इधर अपराध के आंकड़ों को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने कहा कि 2023 की तुलना में 2025 में 5,993 ज्यादा एफआईआर दर्ज हुई हैं, जिससे साफ है कि अपराध बढ़े हैं और कानून का डर खत्म हो रहा है। वहीं BJP प्रवक्ता अमित चिमनानी ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस की “गणित कमजोर” है और तीन साल की तुलना में 2025 में सबसे कम एफआईआर दर्ज हुई हैं। आंकड़ों की इस जंग के बीच रायपुर के लोग बढ़ते अपराध से सहमे हुए हैं।



