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महात्मा गांधी की मूर्ति के नीचे उपवास रखेगी कांग्रेस, मनरेगा बचाओ आंदोलन के तहत दिनभर प्रदर्शन

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत आज राज्यभर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। शहर और ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ता सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक महात्मा गांधी की मूर्ति के नीचे उपवास पर बैठेंगे। कांग्रेस का कहना है कि यह प्रदर्शन केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा में किए गए संशोधनों और ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों पर हो रहे हमलों के खिलाफ है।

इस संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि केंद्र सरकार सुनियोजित तरीके से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को कमजोर कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना न केवल राष्ट्रपिता का अपमान है, बल्कि ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और किसानों के अधिकारों पर सीधा हमला है।

ताम्रध्वज साहू ने कहा कि मनरेगा देश के करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार की गारंटी, न्यूनतम मजदूरी और सम्मानजनक जीवन का आधार है। लेकिन केंद्र सरकार की नई नीतियां और योजनाएं इसकी मूल भावना को समाप्त करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने ‘VB-G RAM G’ योजना का जिक्र करते हुए कहा कि यह योजना मनरेगा के संवैधानिक अधिकारों को खत्म कर ठेकेदारी व्यवस्था और मनमानी को बढ़ावा देगी।

पूर्व मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लगातार मनरेगा के बजट में कटौती कर रही है। मजदूरी भुगतान में देरी हो रही है और राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाला जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर घट रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस तरह की गरीब और मजदूर विरोधी नीतियों को कभी स्वीकार नहीं करेगी।

कांग्रेस ने साफ किया है कि वह मनरेगा को कमजोर करने के हर प्रयास का सड़क से लेकर संसद तक विरोध करेगी। पार्टी ने केंद्र सरकार से मांग की है कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने का फैसला तुरंत वापस लिया जाए, सभी जनविरोधी बदलाव रद्द किए जाएं और ग्रामीण मजदूरों को काम व मजदूरी की पूरी गारंटी दी जाए।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने जिला, ब्लॉक और नगर संगठनों को उपवास और ग्राम सभाओं में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कांग्रेस का कहना है कि आंदोलन शांतिपूर्ण होगा, लेकिन अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ी जाएगी।

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