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कल्याण-डोंबिवली में MNS और शिवसेना का गठबंधन, मेयर पद के लिए आज लॉटरी

दिल्ली। कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के साथ गठबंधन कर एक नई राजनीतिक स्थिति बना दी है।

122 सदस्यीय नगर निगम में शिवसेना ने 53 सीटें जीतकर सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व हासिल किया है। भाजपा को 50 सीटें मिली हैं, जबकि MNS के पांच पार्षदों के समर्थन के बाद शिवसेना की संख्या 58 तक पहुंच गई है। उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना को 11 सीटें मिली हैं, कांग्रेस को दो और एनसीपी (एसपी) को एक सीट मिली है।

MNS नेता और पूर्व विधायक राजू पाटील ने बताया कि यह समर्थन पार्टी प्रमुख राज ठाकरे की अनुमति से किया गया है। उनका कहना है कि नगर निगम में स्थिरता और कामकाज सुचारू रखने के लिए यह गठबंधन जरूरी था। शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने भी स्पष्ट किया कि यह सहयोग केवल शिवसेना और MNS के बीच है और किसी अन्य दल की भागीदारी इसमें नहीं है।

उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के लिए यह गठबंधन झटका साबित हुआ है। शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने दावा किया कि राज ठाकरे इस फैसले से नाराज हैं। हालांकि, शिंदे ने कहा कि महापौर पद महायुति गठबंधन का ही होगा और विकास को ध्यान में रखते हुए सभी सहयोगी दलों को साथ लिया जाएगा।

महापौर, उपमहापौर और विभिन्न समितियों के अध्यक्ष पदों को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। इन पदों से संबंधित निर्णय एकनाथ शिंदे और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चौहाण के पास होगा।

आज, मुंबई समेत राज्य के 29 नगर निगमों में मेयर पद के लिए लॉटरी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस लॉटरी के जरिए तय होगा कि महापौर पद सामान्य, महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित होगा। उसके बाद संबंधित श्रेणी के उम्मीदवार नामांकन दाखिल करेंगे।

इस गठबंधन और लॉटरी प्रक्रिया के बाद कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में राजनीतिक समीकरणों और महापौर पद के उम्मीदवारों का मार्ग साफ होने की संभावना है।

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