BJP में मचा घमासान: ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर पंकज चौधरी की सख्ती

दिल्ली। यूपी में भाजपा के ब्राह्मण विधायकों की हालिया बैठक को लेकर सियासत गरमा गई है। इस बैठक पर अब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सख्त नाराजगी जताई है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस तरह की गतिविधियां दोबारा नहीं होनी चाहिए और इसे पार्टी अनुशासन के खिलाफ माना जाएगा। पंकज चौधरी ने बैठक में शामिल सभी विधायकों को चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा किसी भी तरह की जातिगत राजनीति को बढ़ावा नहीं देती।
पंकज चौधरी ने कहा कि भाजपा विचारधारा और अनुशासन की पार्टी है। यहां परिवार, जाति या वर्ग विशेष की राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने विधायकों को सलाह दी कि वे किसी भी तरह के नेगेटिव नैरेटिव का हिस्सा न बनें। अगर भविष्य में किसी जनप्रतिनिधि ने इस तरह की बैठक या गतिविधि दोहराई, तो इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा और पार्टी कार्रवाई कर सकती है।
दरअसल, 23 दिसंबर को लखनऊ में भाजपा के करीब 45 से 50 ब्राह्मण विधायकों की एक बैठक हुई थी। यह बैठक कुशीनगर से विधायक पीएन पाठक के आवास पर हुई थी, जहां लिट्टी-चोखा और व्रत का भोजन भी कराया गया। इस बैठक को लेकर पार्टी के भीतर हलचल मच गई थी। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री कार्यालय और संगठन स्तर पर भी इस पर नाराजगी जताई गई।
बैठक में शामिल कुछ विधायकों का कहना था कि पार्टी और सरकार में ब्राह्मण समाज की उपेक्षा हो रही है। उनका आरोप था कि संगठन और सत्ता में उनकी सुनवाई नहीं हो रही है और उन्हें अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा। डिप्टी सीएम होने के बावजूद ब्रजेश पाठक को पर्याप्त अधिकार न मिलने की बात भी बैठक में उठी थी।
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पंकज चौधरी ने साफ कहा कि भाजपा सामाजिक संतुलन और विकास की राजनीति करती है। जाति के आधार पर राजनीति करने वाली पार्टियों का भविष्य खत्म हो रहा है। भाजपा सभी वर्गों को साथ लेकर चलती है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
गौरतलब है कि ब्राह्मण विधायकों की इस बैठक के बाद विपक्ष ने भी मौके का फायदा उठाया। सपा नेता शिवपाल यादव ने भाजपा से नाराज ब्राह्मणों को अपनी पार्टी में आने का न्योता तक दे दिया। ऐसे में भाजपा नेतृत्व अब इस पूरे मामले को सख्ती से संभालने में जुटा है।





