मंत्री नितेश राणे को 1 महीने की सजा: इंजीनियर पर कीचड़ फेंकने का मामला, 29 आरोपी बरी

दिल्ली। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे को सिंधुदुर्ग की अदालत ने एक महीने की जेल की सजा सुनाई है। यह फैसला 2019 में मुंबई-गोवा हाईवे पर एक एनएचएआई इंजीनियर के साथ हुए दुर्व्यवहार के मामले में आया है। हालांकि, कोर्ट ने सजा पर फिलहाल रोक लगाते हुए उन्हें हाईकोर्ट में अपील करने का समय दिया है। इस मामले में अन्य 29 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।

घटना 4 जुलाई 2019 की है, जब हाईवे चौड़ीकरण कार्य की खराब गुणवत्ता और जलभराव से नाराज नितेश राणे ने एनएचएआई के सब-डिविजनल इंजीनियर प्रकाश शेडेकर को मौके पर बुलाया था। निरीक्षण के दौरान गुस्साए राणे और उनके समर्थकों ने इंजीनियर पर कीचड़ फेंक दिया और उन्हें कीचड़ भरे पानी में चलने के लिए मजबूर किया। उस समय राणे कांग्रेस में थे।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वी.एस. देशमुख ने अपने फैसले में कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता की समस्याएं उठाने का अधिकार है, लेकिन कानून को हाथ में लेना स्वीकार्य नहीं है। किसी सरकारी कर्मचारी का सार्वजनिक अपमान करना न केवल गलत है, बल्कि यह सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण भी है।

कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे कृत्य से सरकारी कर्मचारियों का मनोबल गिरता है और वे गरिमा के साथ काम नहीं कर पाते। इंजीनियर को कीचड़ में चलने के लिए मजबूर करना जानबूझकर किया गया अपमान था, जिससे सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका थी।

इस मामले में कुल 30 लोगों पर दंगा, आपराधिक साजिश और सरकारी कार्य में बाधा जैसे आरोप लगे थे। लेकिन अदालत ने केवल नितेश राणे को भारतीय दंड संहिता की धारा 504 के तहत दोषी ठहराया और एक महीने की सजा सुनाई।

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