तिलकेजा पंचायत में सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप; रिकॉर्ड नहीं देने पर पंचायत सचिव निलंबित, सरपंच पर भी कार्रवाई की तैयारी
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है।
कोरबा ब्लॉक की तिलकेजा ग्राम पंचायत में 48 मृत लोगों को हितग्राही बनाकर उनके नाम से योजना की राशि जारी करने और राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।
शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में सहयोग नहीं करने और रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराने के मामले में पंचायत सचिव नविता दुबे को निलंबित कर दिया गया है। वहीं पंचायत के खिलाफ एफआईआर की तैयारी की जा रही है।
शिकायत के बाद जांच टीम गठित
मामले की शिकायत आरटीआई कार्यकर्ता जितेंद्र साहू ने की थी। उन्होंने 48 लोगों के नाम से पीएम आवास की राशि जारी किए जाने में गड़बड़ी का आरोप लगाया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन ने जांच के लिए अधिकारियों की टीम गठित की।
जांच टीम ने पंचायत से संबंधित दस्तावेज और हितग्राहियों के बैंक खातों की जानकारी मांगी। सरपंच और सचिव को संबंधित हितग्राहियों के आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मृत्यु प्रमाण पत्र रजिस्टर और अन्य रिकॉर्ड के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे।
नोटिस का जवाब नहीं देने पर सचिव सस्पेंड
प्रशासन के अनुसार, पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया था। निर्धारित समय में जवाब नहीं देने और जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं करने पर कार्रवाई की गई।
इसके बाद सचिव नविता दुबे को छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा अनुशासन एवं अपील नियमों के तहत निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत कोरबा रहेगा।
इसके अलावा विकासखंड समन्वयक देवानंद श्रीवास को भी तिलकेजा पंचायत से हटाकर जनपद पंचायत में अटैच किया गया है।
बैंक खातों और रिकॉर्ड की जांच जारी
अब जांच टीम 48 कथित फर्जी हितग्राहियों के बैंक खातों, आधार कार्ड, पासबुक और पंचायत रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है। जांच में यह देखा जाएगा कि किसके नाम पर कितनी राशि जारी हुई और रकम किन खातों में पहुंची।
प्रशासन का कहना है कि सरकारी राशि के दुरुपयोग की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार लोगों पर विभागीय कार्रवाई के साथ एफआईआर की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा सकती है। फिलहाल तिलकेजा पंचायत में हुई इस कार्रवाई से पंचायत स्तर पर हड़कंप मचा हुआ है।
