बिलासपुर। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) बिलासपुर ने गुरुवार को दो अलग-अलग ट्रैप कार्रवाई में एक पटवारी और बिजली विभाग के एक बाबू को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। दोनों मामलों में कुल 35 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए आरोपियों को पकड़ा गया है।
जमीन का नक्शा बटांकन कराने के बदले मांगे थे 40 हजार
पहली कार्रवाई रतनपुर तहसील में की गई। रतनपुर निवासी अशोक अग्रवाल ने एसीबी से शिकायत की थी कि लालपुर पटवारी भानु चंद्राकर उनकी जमीन का नक्शा बटांकन करने के एवज में 40 हजार रुपए रिश्वत मांग रहा है। शिकायत के सत्यापन में मामला सही पाया गया। बाद में मोलभाव के बाद आरोपी 25 हजार रुपए लेने पर राजी हो गया।
एसीबी ने जाल बिछाकर 25 जून को तहसील कार्यालय रतनपुर में कार्रवाई की। जैसे ही पटवारी ने शिकायतकर्ता से 25 हजार रुपए लिए, टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई।
किसान से 10 हजार मांग रहा था बिजली विभाग का बाबू
दूसरी कार्रवाई मस्तूरी में की गई। ग्राम पाराघाट निवासी किसान त्रिलोकी साहू ने शिकायत की थी कि कृषि भूमि तक निःशुल्क विद्युत पोल लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले सीएसपीडीसीएल कार्यालय मस्तूरी में पदस्थ बाबू सहदेव कुमार चंद्रा 10 हजार रुपए रिश्वत मांग रहा है।
शिकायत सही पाए जाने पर एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई। शिकायतकर्ता जैसे ही बाबू को 10 हजार रुपए देने पहुंचा, एसीबी टीम ने उसे रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। रकम बरामद कर आरोपी को हिरासत में ले लिया गया।
दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है। एसीबी अधिकारियों ने लोगों से रिश्वत मांगने की शिकायत तत्काल विभाग को देने की अपील की है।
