छत्तीसगढ़राजनीति

Chhattisgarh: दिल्ली पहुंचने वाले मामले में विधायक की सफाई, शक्ति प्रदर्शन और दबाव की राजनीति को सिरे से नकारा

रायपुर। (Chhattisgarh) छत्तीसगढ़ के 15 विधायकों के दिल्ली पहुंचने की सूचना पर छत्तीसगढ़ की सियासत में उथल पुथल मच गई। विधायकों का दिल्ली पहुंचना एक बार फिर ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले को हवा दे दी। मगर बाद में विधायकों ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि हम अपने अलग-अलग कामों से दिल्ली पहुंचे हैं।

(Chhattisgarh) 15 विधायकों में मनेंद्रगढ़ विधायक डॉ विनय जायसवाल का नाम भी शामिल था. उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए स्थिति को स्पष्ट किया। उन्होंने शक्ति प्रदर्शन और दबाव की राजनीति को सिरे से नकारा दिया. साथ ही विधायकों के दिल्ली पहुंचने को उनका निजी कार्य बताया.

Dhamtari: सिंचाई के लिए इन जिलों के किसानों ने की थी पानी की मांग, अब गंगरेल से छोड़ा जा रहा पानी

ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले पर रखी अपनी बात

विधायक ने ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले पर कहा कि ये बात सिर्फ बीजेपी पार्टी के लोग कर रहे हैं. और हमे मीडिया के जरिए सुनाई देती है. विधायक दल की बैठक हो या सरकार गठन इसमे कभी भी ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले की बात सामने नहीं हाई. न ही उन्होंने नेता के द्वारा इस बारे में चर्चा कहे जाने की बात मीडिया से की.

National: कैप्टन-सिद्धू विवाद में दिग्गज नेताओं की एंट्री, पूर्व विदेश मंत्री ने राहुल पर निशाना साधते हुए कही ये बात

हमने आलाकमान से समय नहीं मांगा है. हम कोई दबाव की राजनीति के लिए नहीं आए हैं

(Chhattisgarh) डॉ. जायसवाल ने कहा कि हमको अपने आलाकमान के ऊपर, सोनिया गांधी, राहुल गांधी पर पूरा विश्वास है. उनके आशीर्वाद से भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार कम से कम 20 साल चलेगी. भाजपा के पास चेहरा नही है, जिसके साथ वे भूपेश बघेल का सामना कर सके. उन्होंने कहा कि हमने आलाकमान से समय नहीं मांगा है. हम कोई दबाव की राजनीति के लिए नहीं आए हैं. हमारे आने का एकमात्र उद्देश्य, चिकित्सकीय, मार्केटिंग और कोई किसी से मिलने के लिए दिल्ली आए हैं.

किसान नेता ने भूपेश बघेल ने किया काम

पहली बार किसान नेता, ओबीसी नेता भूपेश बघेल ने काम किया है. जिस प्रकार से आदिवासियों की जमीन को भारतीय जनता पार्टी के समय उद्योगपतियों ने कब्जा कर लिया था, उसे देने का काम किया है. किसानों का दस हजार करोड़ का कर्ज माफ किया है. 2500 रुपए समर्थन मूल्य देने, खेतीहर मजदूर को 6 हजार रुपए साल का देने का काम किया है. इससे किसान हितैषी, आदिवासी हितैषी, छत्तीसगढ़ियापन आया है, उससे भाजपा भयभीत है, और बार-बार इस तरह से बात करते हैं.

Related Articles

Back to top button