महादेव सट्‌टा ऐप का को-प्रमोटर रवि उप्पल दुबई में गिरफ्तार

सौरभ चंद्राकर के भारत प्रत्यर्पण के बाद कार्रवाई; करोड़ों के हवाला नेटवर्क और मनी ट्रेल का खुल सकता है राज

रायपुर। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के को-प्रमोटर और करोड़ों रुपए के अवैध सट्‌टा सिंडिकेट के आरोपी रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके कारोबारी साझेदार सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाए जाने के कुछ दिन बाद यह कार्रवाई हुई है।

भारतीय जांच एजेंसियों को सूत्रों से गिरफ्तारी की जानकारी मिली है। हालांकि, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अभी तक भारत को इसकी आधिकारिक सूचना नहीं दी है। एजेंसियां अब उप्पल के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में जुट गई हैं।

एक सप्ताह के भीतर महादेव सट्‌टा ऐप मामले में यह दूसरी बड़ी कामयाबी है। इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत प्रत्यर्पित कराया था।

45 दिन हिरासत में रहने के बाद हुआ था रिहा

छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला रवि उप्पल दुबई से ही अपना अवैध कारोबार संचालित करता था। अक्टूबर 2023 में उसके खिलाफ इंटरपोल ने रेड नोटिस जारी किया था। दिसंबर 2023 में दुबई पुलिस ने उसे हिरासत में लिया, लेकिन करीब 45 दिन बाद रिहा कर दिया था। ED ने जनवरी 2024 में UAE से उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध किया था।

वानुअतु के पासपोर्ट पर भागे थे दोनों

जांच एजेंसियों के मुताबिक, रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर ने भारत से भागने के बाद वानुअतु के पासपोर्ट हासिल किए थे। उप्पल के पासपोर्ट में उसकी जन्मतिथि 30 सितंबर 1980 दर्ज है। यह पासपोर्ट 28 जून 2022 से 27 जून 2032 तक वैध बताया गया है।

वानुअतु दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित करीब 80 द्वीपों का समूह है। यहां निवेश और विकास सहायता कार्यक्रम के जरिए नागरिकता हासिल करने का प्रावधान है। इसकी राजधानी पोर्ट विला है। यहां की प्रमुख भाषाएं बिस्लामा, अंग्रेजी और फ्रेंच हैं।

21 करोड़ की संपत्ति हो चुकी है कुर्क

ED के मुताबिक, उप्पल महादेव सिंडिकेट में करोड़ों रुपए के हवाला लेनदेन की अहम कड़ी था। उससे पूछताछ में अवैध कमाई की मनी ट्रेल और नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी मिल सकती है। जनवरी 2026 में ED ने इस मामले में रवि उप्पल समेत विभिन्न आरोपियों की करीब 21 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की थी।

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