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LPG संकट: रसोई में मची खलबली, इंडक्शन की मांग में 500% का उछाल

दिल्ली। इजराइल-ईरान संघर्ष की तपिश अब भारतीय रसोइयों तक पहुंच गई है।

LPG सिलेंडर की सप्लाई में आई अनिश्चितता ने देश भर में, खासकर भोपाल जैसे शहरों में इंडक्शन चूल्हों की भारी किल्लत पैदा कर दी है। आलम यह है कि पिछले कुछ दिनों में इनकी मांग में 400 से 500% तक का जबरदस्त इजाफा हुआ है।

बाजार का बदला ट्रेंड और कच्चे माल का संकट

इलेक्ट्रॉनिक्स डीलर्स के अनुसार, आमतौर पर गर्मियों में लोग एसी और कूलर खरीदते हैं, लेकिन इस बार लोग ‘पैनिक बाइंग’ करते हुए इंडक्शन स्टोव के लिए दुकानों के चक्कर काट रहे हैं।

  • कच्चे माल की कमी: इंडक्शन बनाने के लिए जरूरी कंपोनेंट्स और हीट प्लेट्स मुख्य रूप से चीन से आते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नया स्टॉक आने में कम से कम 45 दिन का समय लगेगा, जिससे मांग और आपूर्ति का अंतर बढ़ गया है।
  • कीमतों में वृद्धि: भारी डिमांड के चलते जो इंडक्शन पहले 2200 रुपये में उपलब्ध था, उसकी कीमत अब 3000 रुपये के पार पहुंच गई है।

त्योहारों पर संकट का साया

रमजान और आगामी ईद को देखते हुए परिवारों में चिंता बढ़ गई है। भोपाल के बाजारों में खरीदारी करने पहुंची नुसरत बताती हैं कि बड़ा परिवार होने के कारण वे एहतियातन तीन इंडक्शन खरीद रही हैं ताकि त्योहार पर खाना बनाने में दिक्कत न हो।

गैस सिलेंडर की बुकिंग के बाद 8-10 दिन की वेटिंग मिलने के कारण आम जनता अब बिजली से चलने वाले विकल्पों जैसे एयर फ्रायर, ओटीजी और माइक्रोवेव की ओर रुख कर रही है।

कंपनियों के सामने बड़ी चुनौती

उषा और केनस्टार जैसी बड़ी कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि हालात कोविड काल जैसे हो गए हैं। जहाँ महीने भर में 1,000 यूनिट बिकती थीं, वहां अब महज 5 दिन में 10,000 यूनिट की बिक्री हो रही है।

फिलहाल कंपनियां अपने मौजूदा स्टॉक से सप्लाई मैनेज करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन कच्चे माल की लंबी शिपमेंट अवधि एक बड़ी बाधा बनी हुई है।

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