दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा गांव में चल रहे अवैध अफीम साम्राज्य का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी विकास विश्नोई ने अफीम उगाने से लेकर उसे प्रोसेस करने तक की पूरी ट्रेनिंग YouTube से ली थी। पुलिस को उसके मोबाइल से खेती और तस्करी से जुड़े सैकड़ों वीडियो मिले हैं।
6 एकड़ में फैला था अफीम का जाल
आरोपियों ने करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल जमीन पर अफीम की खेती कर रखी थी। पुलिस ने यहाँ से लगभग 14.30 लाख पौधे बरामद किए हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब ₹7.88 करोड़ आंकी गई है। आरोपियों ने डिजिटल सर्वे में इस जमीन पर गेहूं और मक्का की फसल दिखाई गई थी, जबकि उसकी आड़ में अफीम उगाई जा रही थी। फार्म हाउस की घेराबंदी कर बाउंसर तैनात किए गए थे ताकि कोई बाहरी व्यक्ति अंदर न देख सके। निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया गया था।
पुलिस रिमांड में आरोपी
इस मामले में पुलिस ने भाजपा नेता विनायक ताम्रकार, विकास विश्नोई और मनीष ठाकुर को गिरफ्तार किया है। कोर्ट ने तीनों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। विकास विश्नोई पिछले 6 साल से दुर्ग में रहकर इस नेटवर्क को संचालित कर रहा था और राजस्थान के मजदूरों के जरिए काम करवा रहा था।
फॉर्म-हाउसों की होगी जांच
इस घटना के बाद दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जिले के सभी फॉर्म हाउस की सघन जांच के निर्देश दिए हैं। सभी तहसीलदारों को अपने क्षेत्र के फॉर्म हाउस की रिपोर्ट सीधे कलेक्टर को सौंपनी होगी। जमीन का गलत सर्वे करने वाले पटवारी और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पुलिस ने मौके से ट्रैक्टर, जेसीबी, हार्वेस्टर और 7 बोरी डोडा समेत भारी मात्रा में कृषि उपकरण जब्त किए हैं। अब जांच का दायरा राजस्थान तक फैल गया है, जहाँ आरोपी अफीम की सप्लाई कर रहे थे।
