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छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद बनीं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्यसभा की दो सीटों के लिए भारतीय जनता पार्टी की लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की फूलोदेवी नेताम निर्विरोध निर्वाचित हो गई हैं। दोनों प्रमुख दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रत्याशी नहीं उतारा, जिसके कारण चुनाव बिना मतदान के ही संपन्न हो गया। भाजपा और कांग्रेस ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की है।

निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर मनीष शर्मा ने भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा को जीत का प्रमाण पत्र सौंपा। वहीं कांग्रेस खेमे में भी राज्यसभा सीट पर जीत के बाद नेताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की।

कांग्रेस की ओर से दोबारा राज्यसभा भेजी गईं फूलोदेवी नेताम ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें जब-जब संसद में बोलने का मौका मिला, उन्होंने छत्तीसगढ़ के विकास और अधिकारों की आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि एक आदिवासी महिला कार्यकर्ता को दोबारा मौका मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री पद को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने कभी किसी पद की मांग नहीं की और वे पार्टी के निर्णय के साथ खड़ी रहती हैं।

फूलोदेवी नेताम बस्तर क्षेत्र से आने वाली आदिवासी नेत्री हैं और पिछले करीब 32 वर्षों से कांग्रेस की सक्रिय राजनीति से जुड़ी हुई हैं। वे वर्तमान में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद पार्टी ने उन्हें दोबारा उम्मीदवार बनाया।

वहीं भाजपा ने राज्यसभा सीट के लिए लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाया था। वे वर्तमान में राज्य महिला आयोग की सदस्य और भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। लक्ष्मी वर्मा पिछले करीब 30 वर्षों से सक्रिय राजनीति में हैं और महिला वर्ग में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।

लक्ष्मी वर्मा रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष और भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता भी रह चुकी हैं। बताया जा रहा है कि भाजपा हाईकमान ने राज्यसभा उम्मीदवार तय करने से पहले कई नामों पर मंथन किया था, जिसमें लक्ष्मी वर्मा, डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी और नारायण चंदेल का नाम शामिल था। अंततः पार्टी ने लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा भेजने का फैसला किया।

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