लश्कर कमांडर हाशिम मूसा मारा गया, पहलगाम हमले के बाद था 20 लाख का इनामी

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा को मुठभेड़ में मार गिराया गया है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, मूसा का नाम 2025 के पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े संदिग्धों में सामने आया था। उसके खिलाफ जानकारी देने पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 20 लाख रुपए के इनाम की घोषणा की थी।

भारतीय सेना के मुताबिक, खुफिया सूचना के आधार पर सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने यूसमर्ग के कोराग इलाके में संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया था। तलाशी के दौरान संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग कर दी। इसके बाद मुठभेड़ शुरू हुई। कार्रवाई में एक आतंकी मारा गया।

श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने बाद में मारे गए आतंकी की पहचान मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा के रूप में की। बुधवार सुबह पालमेदान इलाके में तलाशी के दौरान उसका शव और युद्ध जैसी सामग्री बरामद की गई। सेना का सर्च ऑपरेशन अभी जारी है।

2022 में घुसपैठ कर कश्मीर आया था

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, मूसा वर्ष 2022 में घुसपैठ के जरिए कश्मीर घाटी में दाखिल हुआ था। उसके पाकिस्तान के स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) में कमांडो के रूप में काम करने की जानकारी भी सामने आई थी। इसके बाद उसने लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करते हुए अपना नेटवर्क सक्रिय किया और युवाओं की भर्ती समेत आतंकी गतिविधियों में भूमिका निभाई।

चार आतंकियों के नेटवर्क पर थी नजर

मूसा 2022 से सक्रिय लश्कर के चार आतंकियों के समूह का हिस्सा था। इस समूह में जुनैद रमजान अहमद, अबू ताल्हा, यासिर और हाशिम मूसा शामिल थे। सुरक्षा एजेंसियों ने लंबे समय से इस नेटवर्क पर नजर रखी थी। मूसा की मौत के साथ इस समूह के चारों आतंकियों को सुरक्षाबलों द्वारा अलग-अलग अभियानों में मार गिराए जाने की बात सामने आई है।

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