दिल्ली। तेलंगाना के निजामाबाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हिंदू समाज में एकता की कमी ही देश के बार-बार गुलाम होने की सबसे बड़ी वजह रही है। उन्होंने बताया कि केशव बलिराम हेडगेवार ने इसी कमी को दूर करने और देश को स्वतंत्र बनाने के उद्देश्य से RSS की स्थापना की थी।
भागवत कंडाकुर्थी गांव में श्री केशव स्फूर्ति मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह गांव हेडगेवार का पैतृक स्थान है। उन्होंने कहा कि हेडगेवार ने आजादी के लिए कई रास्तों पर काम किया, जिसमें राजनीतिक और सशस्त्र विरोध भी शामिल था। उनके अनुसार, अंग्रेज भारत को गुलाम बनाने वाले पहले बाहरी शासक नहीं थे, बल्कि समाज की आंतरिक कमजोरियां भी इसके लिए जिम्मेदार थीं।
उन्होंने कहा कि समाज में आपसी विभाजन और संगठन की कमी के कारण भारत को बार-बार पराजय का सामना करना पड़ा। इसलिए हेडगेवार ने एक मजबूत, संगठित और आत्मविश्वासी समाज बनाने का लक्ष्य रखा।
भागवत ने हिंदुत्व की व्याख्या करते हुए कहा कि इसका अर्थ दूसरों के साथ मिलकर रहना, अपने मार्ग पर चलना और सभी का सम्मान करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि RSS की स्थापना किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि देश को मजबूत और स्वतंत्र बनाने के लिए हुई थी।
उन्होंने कहा कि आज भी संघ के स्वयंसेवक उसी विचारधारा पर काम कर रहे हैं और समाज को सशक्त बनाने में लगे हैं। कंडाकुर्थी में बना स्फूर्ति केंद्र लोगों को निस्वार्थ भाव से देश सेवा के लिए प्रेरित करेगा।
