कोरिया

Koreya: कोयले का काला खेल….ना लोगों की जान की परवाह, न प्रशासन का डर…..तस्कर जमकर कर रहे मोटी कमाई..Video

संजय गुप्ता@कोरिया। (Koreya) काले हीरे के नाम से प्रसिद्ध कोरिया में प्रशासन के नाक के नीचे  जमकर कोयले का अवैध कारोबार चल रहा था । गाँव वालों के शिकायत के बावजूद यहां तस्कर बिना किसी डर के जमकर कोयले का व्यापार कर रहे हैं । अवैध तस्करों का इन इलाक़ों में इतना दबदबा है कि लोग खुल कर विरोध करने से भी डरते हैं ।  मुरमा देवखोल पुटा कटकोना के जंगलों में तस्करों के द्वारा कॉलरी की तरह अवैध खदान संचालित किया जा रहा है।  (Koreya)कोयले के अवैध उत्खनन और डंपिग के लिए तस्कर गुफाओं का प्रयोग कर रहे हैं। जी हां वैसे कोयले का अवैध कारोबार कोई नई बात नहीं है।(Koreya) लेकिन ग्रामीणों की जान को जोखिम में डालकर गुफाओं से कोयले के काला खेल चल रहा है। जिससे तस्करों की मोटी कमाई हो रही है। थोड़े पैसों के लालच में ग्रामीण और नाबालिग भी जान जोखिम में डालकर काम करने को तैयार हो जाते है। इन्हें यहां किसी प्रकार कोई प्रोटेक्शन भी नहीं दिया जाता। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

इधर कोयले के काले खेल की शिकायत ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन से की। इतनी शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने कोई कार्यवाही नहीं की। यहां तक की सरपंच ने कई बार प्रशासन को चिट्ठी लिखकर सच्चाई से अवगत कराया। मगर इसका कोई असर नहीं दिखा, और तस्कर जमकर काले हीरे से पैसा बनाते रहे ।कोरिया की धरती काले हीरे की संपदा से अपनी पहचान बना चुकी हैं। जहां एक ओर कोयले से देश को राजस्व श्रोत प्राप्त है। वही कोरिया के जंगलों से अवैध रूप से कोयले का काला व्यापार बीते कई वर्षों से धड़ल्ले से जारी है।

कई सालों से जारी कोयले का अवैध व्यापार

हम बात करे पटना क्षेत्र के जंगलों में हो रहे कारोबार की तो विगत कई वर्षों से कोयले का काला कारोबार सरपरस्ती में जारी है। मुरमा देवखोल पुटा कटकोना के वन विभाग के जंगलों में तस्करों के द्वारा कालरी की तरह अवैध खदान संचालित करवाया जा रहा है।

मजदूरों की जान सस्ती

इन जंगलों में गरीब मजदूरों को कम पैसे के लालच में खतरनाक गुफाओं में बिना सुरक्षा उपकरण कई किलोमीटर अंदर से कोयला खोदने के लिये भेज दिया जाता है और थोड़े पैसे में तस्कर इन्हें खरीद कर मोटी रकम कमाते हैं। सबसे बड़ी विडंबना यह कि गरीब टपके के नाबालिग बच्चों को भी इस कार्य मे धकेल दिया जा रहा है। नाबालिग थोड़े से पैसे पाकर पढाई लिखाई छोड़ नशे की चपेट में आ रहे। जिससे उनका समाज व परिवार बिगड़ रहा है।

सरंपच ने शासन और प्रशासन को लिखी चिट्‌ठी

ग्राम पंचायत मुरमा के सरपंच ने अपने समाज व बच्चों के हित मे जंगल से अवैध कोयला उत्खनन पर रोक लगाने के लिये शासन प्रशासन को पत्र लिखकर मांग की थी।

जिस पर कलेक्टर की संयुक्त टीम ने पुटा के जंगल मे छापेमारी कार्यवाही की। जिसमें सैकड़ों की संख्या में मजदूर व बाल श्रमिक कोयला खोदने का कार्य रहे थे। टीम को देख लगभग 280 बोरी कोयला छोड़ कर भाग खड़े हुये। मौके पर एसडीएम की निगरानी में खनिज विभाग ने लगभग 280 बोरी कोयला जब्ती करते हुये वन  विभाग को सौंप दिया।

शाम होते ही सजती है तस्करों की मंडी

आपको बता दें कि पटना क्षेत्र में मुरमा देवखोल कटकोना पंडोपारा एरिया में देर शाम होने के बाद तस्करों की मंडी सजती है । दिन भर कई जंगलों में मजदूरों से कोयला खोड़वाते है रात 8 बजे से 4 बजे भोर तक ढुलाई करते हैं। आप अंदाजा लगा लीजिये के इनके काले कारोबार को रोकने टोकने की किसी की हिम्मत नही है। खुलेआम क्षेत्र में दहशत बनाये हुये है । वन विभाग के जंगलों में कई कई बार अवैध खदान में दबकर मजदूरों की मौत हो चुकी है।

ट्रेन को बीच रास्ते में रोककर उतारा जा रहा कोयला

वही पटना क्षेत्र में चलती कोयला गाड़ी से कोयला उतारने का करोबर भी किया जाता है। जिसमे कोयला गाड़ी की चपेट में आने से भी मौत हो चुकी है। वही कटकोना कालरी व पंडोपारा कालरी से रेलवे स्टेशन कटोरा में आने वाले कोयला को ट्रक डम्फर, हाइवा से बीच रास्ते मे रोककर उतारा जा रहा है। एसईसीएल का भारी नुकसान हो रहा है लेकिन सुध लेने वाला कोई नही ।

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