रायपुर। छत्तीसगढ़ की मेजबानी में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के दूसरे दिन मैदान से लेकर स्विमिंग पूल तक जनजातीय खिलाड़ियों का जलवा रहा। कर्नाटक के तैराक मणिकांता एल ने अपनी बादशाहत कायम रखते हुए स्वर्ण पदकों की हैट्रिक पूरी की, वहीं मेजबान छत्तीसगढ़ की अनुष्का भगत ने प्रदेश की झोली में एक और पदक डाला।
मणिकांता और अंजलि का दबदबा
कर्नाटक के मणिकांता ने गुरुवार को 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले में 2:25.93 सेकंड का समय निकालकर अपना तीसरा स्वर्ण पदक जीता। इससे पहले वे 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक और 50 मीटर बटरफ्लाई में भी सोना जीत चुके हैं।
स्थानीय तैराक अनुष्का भगत ने महिलाओं की 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया। यह प्रतियोगिता में उनका दूसरा पदक है। अंजलि मुंडा ने इसी स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर ओडिशा का मान बढ़ाया।
वेटलिफ्टिंग: चोट पर भारी पड़ा जज्बा
प्रतियोगिता के दूसरे दिन खिलाड़ियों के संघर्ष की प्रेरक कहानियां भी सामने आईं। मोनिखा सोनोवाल (असम): घुटने की गंभीर चोट के बावजूद मोनिखा ने 48 किग्रा वर्ग में कुल 132 किग्रा वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता।
उन्होंने कोच की मनाही के बाद भी अपनी पहचान बनाने के लिए मैदान में उतरने का फैसला किया था। वहीं पीठ की चोट से जूझ रहे मिजोरम की इसाक ने क्लीन एंड जर्क में जबरदस्त वापसी करते हुए कुल 235 किग्रा भार उठाया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
कर्नाटक पहले नंबर पर
वर्तमान में कर्नाटक 6 स्वर्ण और 2 रजत के साथ शीर्ष पर बना हुआ है, जबकि ओडिशा (3 स्वर्ण) दूसरे स्थान पर है। इस ऐतिहासिक आयोजन में 30 राज्यों के लगभग 3800 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जहाँ 9 खेलों में कुल 106 स्वर्ण पदकों के लिए मुकाबला जारी है।
